तकनीकी शिक्षा में बिहार का नाम रोशन: प्रो. आशीष कुमार की रिसर्च को मिला अंतरराष्ट्रीय मान्यता

सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, जमुई के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आशीष कुमार का नया कीर्तिमान – गूगल स्कॉलर पर 6,000 से अधिक उद्धरण, i10 इंडेक्स 102

पटना / जमुई, 2 अगस्त 2025: बिहार के तकनीकी शिक्षा जगत के लिए यह गर्व का क्षण है। सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, जमुई के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) आशीष कुमार ने शैक्षणिक उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। उनका शोध कार्य अब गूगल स्कॉलर पर 6,000 से अधिक उद्धरण (Citations) और i10 इंडेक्स 102 तक पहुँच गया है, जो कि बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय (BEU) के अंतर्गत 38 इंजीनियरिंग कॉलेजों और 46 पॉलिटेक्निक संस्थानों के बीच किसी भी शिक्षक द्वारा प्राप्त सर्वोच्च रिकॉर्ड है।


22 वर्षों का शैक्षणिक, शोध और प्रशासनिक अनुभव

प्रो. कुमार को 22 वर्षों से अधिक का गहन शैक्षणिक, प्रशासनिक और शोध अनुभव है। हाल ही में उन्हें बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (VKSU) में स्थायी प्राचार्य के रूप में भी चयनित किया गया है।


10 पीएच.डी. शोधार्थियों का निर्देशन, 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित

उनकी उपलब्धियों में शामिल हैं:

  • 10 पीएच.डी. छात्रों का मार्गदर्शन
  • 200 से अधिक उच्च स्तरीय शोध पत्र
  • 170 अंतरराष्ट्रीय पुस्तकों में अध्याय
  • 10 अंतरराष्ट्रीय पुस्तकें स्वयं प्रकाशित
  • 2 पेटेंट

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक, स्टैनफोर्ड की 2% शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल

प्रो. कुमार को Vice Chancellor’s Research Excellence Award और एशिया प्रोमिनेंट साइंटिस्ट अवार्ड जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है। उन्हें हाल ही में इंडोनेशिया की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्राविजाया द्वारा वर्कशॉप संचालित करने के लिए आमंत्रित किया गया।

सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक यह है कि वे लगातार स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (USA) और एल्सेवियर द्वारा जारी विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची (2023 और 2024) में शामिल किए गए हैं, जो वैश्विक स्तर पर उनकी वैज्ञानिक प्रतिष्ठा को दर्शाता है।


बिहार के तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए प्रेरणा

प्रो. आशीष कुमार की यह उपलब्धि न केवल सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, जमुई बल्कि पूरे बिहार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है। उनका करियर यह दर्शाता है कि समर्पण, शोध के प्रति प्रतिबद्धता और निरंतर नवाचार कैसे एक शिक्षक को वैश्विक ख्याति तक पहुंचा सकता है।


 

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