भागलपुर में सवर्ण आयोग की बैठक में हंगामा
भागलपुर।शहर के समीक्षा भवन में आयोजित उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग की प्रमंडलीय समीक्षात्मक बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब यूजीसी कानून को लेकर आए सवर्ण समाज के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते बैठक का माहौल गरमा गया और कुछ लोग विरोध जताते हुए बीच में ही बैठक छोड़कर बाहर निकल आए।
क्या था मामला
यह बैठक राज्य आयोग, पटना की ओर से आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता आयोग सदस्य राजकुमार सिंह कर रहे थे। बैठक में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों से जुड़े सवर्ण समाज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे।
लेकिन जैसे ही बैठक शुरू हुई, कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें खास तौर पर यूजीसी कानून पर चर्चा के लिए बुलाया गया था, जबकि एजेंडे में इस विषय को शामिल ही नहीं किया गया। इसी बात को लेकर नाराज लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।
“यूजीसी कानून काला कानून है”
बैठक से बाहर निकलकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि यूजीसी कानून एक “काला कानून” है और वे इसका हर स्तर पर विरोध करेंगे। उनका आरोप था कि उनकी बातों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
आयोग का पक्ष
इस पूरे घटनाक्रम पर आयोग सदस्य राजकुमार सिंह ने कहा कि
“पूरे बिहार में इस तरह की प्रमंडलीय समीक्षात्मक बैठकें हो रही हैं और भागलपुर में यह आठवीं बैठक है। यहां जो भी सुझाव और समस्याएं सामने आई हैं, उन्हें संकलित कर राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि बैठक का उद्देश्य समाज के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है, न कि किसी एक कानून पर राजनीति करना।
प्रशासन में हलचल
हंगामे और विरोध के बाद कुछ देर के लिए समीक्षा भवन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को शांत कराया और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।
इस घटना के बाद शहर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में इस बैठक को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


