गया, 19 अगस्त। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को गया में जनसभा को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब हम हर राज्य की लोकसभा और विधानसभा में हुई वोटों की चोरी पकड़कर दिखाएंगे।
राहुल गांधी ने कहा, “चोरी इनकी पकड़ी गई और एफिडेविट मुझसे मांग रहे हैं। अब पूरा देश उनसे (चुनाव आयोग से) एफिडेविट मांगेगा। एक दिन बिहार और केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी, फिर हम चुनाव आयोग पर कार्रवाई करेंगे।”
मतदाता अधिकार यात्रा का गया पड़ाव
राहुल गांधी की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ सोमवार को औरंगाबाद जिले के कुटुंबा से शुरू हुई थी। देर शाम यह यात्रा गया पहुंची। बारिश के कारण यहां की सभा केवल 25 मिनट तक चल सकी। सभा को राहुल गांधी के साथ-साथ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, सीपीआई (माले) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने भी संबोधित किया।
पूरे रास्ते में इंडिया गठबंधन के नेताओं का स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों ने स्वागत किया।
राहुल का सीधा हमला: “एसआईआर है नया चुनावी पैकेज”
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बिहार के लिए विशेष पैकेज की बात करते हैं, लेकिन चुनाव आयोग एक नया पैकेज लेकर आया है। इसका नाम उन्होंने “एसआईआर” बताया और कहा कि यह वोट चोरी का नया तरीका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के बाद सिर्फ चार महीनों में चुनाव आयोग ने एक करोड़ नये वोटर जोड़ दिए। लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन जीता, लेकिन कुछ ही महीनों बाद विधानसभा में भाजपा गठबंधन जीत गया। उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर वोट चोरी का मामला है।
पांच तरीके से हो रही वोट चोरी: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी और सहयोगियों ने चुनावी गड़बड़ी की जांच की और कई राज्यों में फर्जी वोटर का मामला पकड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी पांच तरीकों से हो रही है—
- डुप्लीकेट वोटर
- फेक एड्रेस
- एक ही एड्रेस पर 50-60 वोटर
- फार्म-6 पर जीरो-जीरो-जीरो एड्रेस
- फर्जी फोटो या बिना फोटो वाले वोटर
उन्होंने दावा किया कि सिर्फ बेंगलुरु सेंट्रल सीट से ही एक लाख से ज्यादा फर्जी वोटर पाए गए।
विपक्ष के आरोपों पर कार्रवाई नहीं: राहुल
राहुल ने कहा कि विपक्ष जब इन गड़बड़ियों की शिकायत करता है तो चुनाव आयोग जांच कराने के बजाय एफिडेविट मांगता है। उन्होंने कहा कि अब जनता को खुद आयोग से एफिडेविट मांगना चाहिए।


