भागलपुर/खगड़िया, 19 अगस्त। बेगूसराय जिले के पन्हास निवासी 35 वर्षीय भोला महतो की हत्या के बाद उसका शव खगड़िया जिले के मोरकाही थाना क्षेत्र से बरामद किया गया। शव की हालत देखकर साफ पता चला कि हत्या बड़ी गलत तरीके से की गई थी। मृतक का चेहरा पूरी तरह जला हुआ था और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले।
भोला के परिजन सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल पहुंचे।
अपहरण और फिरौती की गुत्थी
मृतक के भाई सुधीर ने बताया कि 11 अगस्त को भोला का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने पांच लाख रुपये फिरौती की मांग भी की थी। सुधीर का आरोप है कि भोला के ही चार दोस्त—सौरभ, अविनाश, रौशन और विनीत—ने इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि फिरौती के लिए उनके पिता और एक दोस्त के मोबाइल पर लगातार कॉल किए जा रहे थे।
सुधीर ने बताया कि भोला के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भोला पूर्व में शराब से जुड़े दो मामलों में जेल जा चुका था।
मायागंज अस्पताल पहुंचे परिजन और पुलिस
सोमवार को शव के पोस्टमार्टम के लिए परिजन मायागंज अस्पताल पहुंचे। इसी दौरान बेगूसराय और खगड़िया पुलिस की टीम भी अस्पताल पहुंची।
पुलिस पर गंभीर आरोप: शव उठाने से पोस्टमार्टम तक 18 हजार का “खर्चा”
हत्या से सदमे में डूबे मृतक के भाई सुधीर ने मोरकाही थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शव बरामद करने से लेकर पोस्टमार्टम तक हर प्रक्रिया के लिए खर्च की एक लंबी सूची थमा दी, जिसमें कुल 18 हजार रुपये की मांग दिखाई गई थी।
सूची में अलग-अलग मद इस प्रकार बताए गए—
- डोम को ₹1500
- ट्रैक्टर ₹1000
- फिर डोम को ₹1500
- ताबूत ₹3500
- खोल (कफन) ₹350
- डोम को ₹2500
- एम्बुलेंस चालक ₹500
- भागलपुर में डोम को ₹1000
- पोस्टमार्टम खर्च ₹3500
- टोटो भाड़ा ₹50
- मायागंज में ₹1000
- फोटो कॉपी ₹50
- सदर अस्पताल में शव उतारने वाले डोम को ₹1000
कुल मिलाकर ₹18,000 का हिसाब परिजनों को थमा दिया गया।
पुलिस का पक्ष
इस मामले में मोरकाही थाना प्रभारी राजेश कुमार ठाकुर ने कहा कि परिजनों के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उन्होंने खर्च की सूची थमाने के आरोप को खारिज किया।


