
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- बड़ा हमला: तेजस्वी यादव ने भाजपा पर लगाया नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ करने का आरोप।
- भविष्यवाणी: “मैंने पहले ही कहा था, 6 महीने से ज्यादा कुर्सी पर नहीं रहने देगी भाजपा।”
- आरोप: “भाजपा को बिहार में ओबीसी या दलित नेता नहीं, ‘रबर स्टांप’ मुख्यमंत्री चाहिए।”
- सहानुभूति: राजनीतिक मतभेदों के बीच तेजस्वी ने नीतीश कुमार को बिहार की सेवा के लिए कहा ‘धन्यवाद’।
पटना: बिहार की सत्ता में होने जा रहे ‘महा-परिवर्तन’ पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और भाजपा के मुख्यमंत्री बनने की खबरों पर तेजस्वी ने हमलावर रुख अपनाते हुए भाजपा की रणनीति को ‘लोकतंत्र और जन भावनाओं के खिलाफ’ करार दिया है। तेजस्वी ने दावा किया कि यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत हुआ है और वे बहुत पहले ही इसकी चेतावनी दे चुके थे।
“भाजपा जिसके साथ रही, उसे बर्बाद किया”
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति जताते हुए भाजपा के ‘गठबंधन धर्म’ पर सवाल उठाए।
- हाईजैक का आरोप: तेजस्वी ने कहा कि एनडीए ने नारा दिया था ‘2025 से 30 फिर नीतीश’, लेकिन असल में भाजपा ने नीतीश कुमार को हाईजैक कर लिया था।
- पुरानी भविष्यवाणी: “मैंने 28 जनवरी 2024 को ही कह दिया था कि भाजपा जदयू को समाप्त कर देगी। आज मेरी बात सच साबित हुई कि वे 6 महीने से ज्यादा उन्हें कुर्सी पर रहने नहीं देंगे।”
ओबीसी-दलित विरोधी होने का लगाया आरोप
तेजस्वी ने इस सत्ता परिवर्तन को सीधे तौर पर पिछड़ों और दलितों के हक से जोड़ दिया।
”भाजपा कभी नहीं चाहती कि बिहार में कोई ऐसा नेता रहे जो ओबीसी या दलित की बात करे। उन्हें तो बस एक ‘रबर स्टांप’ मुख्यमंत्री चाहिए जो दिल्ली के इशारों पर काम करे। यह सत्ता परिवर्तन जनता के साथ धोखा है।”
रिश्तों की कड़वाहट के बीच ‘शुक्रिया’
हैरानी की बात यह रही कि जहां तेजस्वी ने भाजपा को जमकर कोसा, वहीं नीतीश कुमार के प्रति उनका लहजा थोड़ा नरम दिखा।
- सहानुभूति: तेजस्वी ने कहा कि उनकी पूरी सहानुभूति नीतीश जी के साथ है क्योंकि भाजपा ने उन्हें किनारे लगा दिया।
- आभार: “भले ही हम ज्यादातर समय विपक्ष में रहे, लेकिन बिहार की उन्होंने जो सेवा की है, उसके लिए हम उन्हें धन्यवाद देना चाहते हैं।”
VOB का नजरिया: सहानुभूति के पीछे ‘चुनावी’ गणित?
तेजस्वी यादव का यह बयान बेहद नपा-तुला है। एक तरफ वे भाजपा को ‘ओबीसी विरोधी’ बताकर अपने वोट बैंक को गोलबंद कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ नीतीश कुमार को ‘पीड़ित’ (Victim) दिखाकर जदयू के उन कार्यकर्ताओं को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रहे हैं जो भाजपा के बढ़ते कद से डरे हुए हैं। ‘रबर स्टांप मुख्यमंत्री’ का जुमला आने वाले विधानसभा चुनावों में विपक्ष का सबसे बड़ा हथियार बनने वाला है।


