पटना के एसकेपुरी में पुलिस का बड़ा एक्शन: राजापुर पुल के पास घूम-घूमकर गांजा बेचता तस्कर विजय शाह गिरफ्तार, मादक पदार्थ और नकद बरामद

पटना, 18 मई 2026। बिहार की राजधानी पटना के शहरी इलाकों में पैर पसार रहे मादक पदार्थों के अवैध नेटवर्क और स्मैक-गांजा के छोटे कड़ियों के खिलाफ पटना पुलिस ने अपनी गश्ती सह चेकिंग प्रणालियों को अत्यधिक कड़ा कर दिया है। इसी कड़ी में पटना के अत्यंत व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले श्रीकृष्णपुरी (एसकेपुरी) थाना पुलिस ने रविवार को एक प्रभावी और त्वरित विधिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस की विशेष टीम ने राजापुर पुल के मुहाने के समीप सघन घेराबंदी करते हुए सार्वजनिक रूप से प्रतिबंधित नशीले पदार्थ (गांजा) की पुड़िया बनाकर बेच रहे एक शातिर स्थानीय तस्कर को रंगे हाथ दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है।

​गिरफ्तार किए गए इस अपराधी की पहचान स्थानीय राजापुर निवासी विजय शाह के रूप में स्थापित की गई है। पुलिस की विधिक तलाशी के दौरान तस्कर के पास से व्यावसायिक उद्देश्य के लिए छिपाकर रखा गया 141 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रतिबंधित गांजा और मादक पदार्थों की बिक्री से अर्जित की गई 1300 रुपये की नकद राशि बरामद की गई है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से राजापुर पुल, बोरिंग रोड मुहाना और गांधी मैदान को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों के आस-पास सक्रिय छोटे-बड़े नशा माफियाओं और दलालों के सिंडिकेट के भीतर पूरी तरह से हड़कंप मच गया है।

सांगठनिक गश्ती के दौरान मिली थी सटीक खुफिया इनपुट, पुलिस ने तैयार किया चक्रव्यूह

​एसकेपुरी पुलिस नियंत्रण कक्ष से प्राप्त आधिकारिक विधिक जानकारी के अनुसार, वरीय पुलिस अधिकारियों के सीधे दिशा-निर्देशन में पटना के सभी प्रमंडलीय और रिहायशी प्रक्षेत्रों में युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए चौबीसों घंटे गश्ती और औचक निरीक्षण की प्रविधि संचालित की जा रही है। इसी क्रम में रविवार, 17 मई 2026 की दोपहर को एसकेपुरी थाना पुलिस की एक गश्ती टीम को स्थानीय गुप्त सूत्रों और मानवीय खुफिया तंत्र के माध्यम से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रामाणिक सूचना प्राप्त हुई।

​इस सूचना में स्पष्ट किया गया था कि राजापुर पुल के नीचे और उसके आस-पास के फुटपाथों के समीप एक युवक संदिग्ध रूप से घूम रहा है और वह राहगीरों, ऑटो चालकों तथा स्थानीय झुग्गी-झोपड़ियों के युवाओं को गुमराह कर छोटे-छोटे पैकेटों में प्रतिबंधित गांजे की अवैध डिलीवरी दे रहा है। सूचना की संवेदनशीलता और सामाजिक विसंगति को देखते हुए एसकेपुरी थानाध्यक्ष ने तुरंत बिना कोई समय गंवाए थाने मुस्तैद सशस्त्र बल के जांबाज जवानों और सादे लिबास में पुलिस अधिकारियों को शामिल करते हुए एक त्वरित रिस्पॉन्स टीम का गठन किया और उन्हें तुरंत राजापुर पुल प्रक्षेत्र की घेराबंदी करने का हुक्म जारी किया।

फिल्मी अंदाज में घूम-घूमकर बेचता था नशा, पुलिस को देख भीड़ में छिपने का किया प्रयास

​रणनीतिक विलेखों के अनुसार, गठित विशेष पुलिस टीम जैसे ही राजापुर पुल के समीप पहुंची, वैसे ही वहां चौराहे के पास घूम रहे एक संदेहास्पद युवक की शारीरिक गतिविधियों पर सादे लिबास में तैनात पुलिस जवानों की तीखी नजर पड़ी। वह युवक अपनी जेबों में हाथ डाले कतिपय ग्राहकों से गुप्त कोडवर्ड्स में बात कर रहा था और पैसे लेकर उन्हें गुपचुप तरीके से कुछ पुड़िया हस्तगत करा रहा था। पुलिस की वर्दीधारी गाड़ियों को अपनी ओर आता देख और पुलिस बल की आहट पाकर वह युवक पूरी तरह से सकपका गया। उसने कानून के चंगुल से बचने के लिए तुरंत अपनी दिशा बदली और राजापुर बाजार की घनी भीड़ और तंग गलियों की तरफ भागने का प्रयास करने लगा।

​युवक को इस तरह अचानक भागता देख मुस्तैद सुरक्षा बलों का संदेह पूरी तरह विधिक साक्ष्य में बदल गया। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में सशस्त्र बल के जवानों ने बिना कोई व्यावहारिक देरी किए पूरे प्रक्षेत्र को चारों तरफ से विधिक रूप से ब्लॉक कर दिया और भाग रहे युवक को गलियों के भीतर खदेड़कर कड़े बल प्रयोग के साथ दबोच लिया। पुलिस अभिरक्षा में लिए जाने के बाद जब मजिस्ट्रेट के नियमों और स्वापक औषधि अधिनियम (NDPS Act) के कड़े प्रावधानों के तहत स्वतंत्र गवाहों की भौतिक उपस्थिति में उसकी सघन शारीरिक तलाशी ली गई, तो उसकी पैंट की जेबों और कमर में छिपाकर रखे गए गांजे के छोटे-छोटे पैकेट बरामद हुए, जिसका कुल वजन 141 ग्राम आंका गया। साथ ही नशीले पदार्थों की बिक्री से तुरंत कमाए गए 1300 रुपये के नोट भी जब्त किए गए।

मोबाइल ड्रग पेडलिंग की प्रविधि: पुलिस की सर्विलांस से बचने के लिए बदला था तरीका

​एसकेपुरी थाने के अनुसंधान विंग द्वारा गिरफ्तार विजय शाह से जब बंद कमरे में कड़ाई और मनोवैज्ञानिक विभावों के तहत पूछताछ शुरू की गई, तो उसने पटना शहर के भीतर चल रहे मोबाइल ड्रग पेडलिंग (घूम-घूमकर नशा बेचने) के इस नए और खतरनाक मर्डर प्लॉट का पूरा राज उगल दिया। पूछताछ में आरोपी विजय शाह ने स्वीकार किया कि वह पुलिस की फिक्स्ड पिकेटिंग और डिजिटल सर्विलांस से बचने के लिए किसी एक निश्चित स्थान पर या दुकान खोलकर गांजे की बिक्री नहीं करता था। उसने अपने इस अवैध धंधे को पूरी तरह से मोबाइल और डायनेमिक बना दिया था।

​वह दिन भर राजापुर, मैनपुरा, बोरिंग रोड और गांधी मैदान प्रक्षेत्र के विभिन्न चौराहों पर आम राहगीर या मजदूर के भेष में घूमता रहता था। उसके मुख्य खरीदार स्थानीय स्तर पर ऑटो चलाने वाले चालक, दैनिक मजदूर, कबाड़ चुनने वाले और कतिपय स्कूल-कॉलेजों के भटके हुए छात्र थे, जो उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर या गुप्त कोड के जरिए उससे माल की मांग करते थे। विजय शाह तुरंत चिन्हित सुनसान ठिकानों या राजापुर पुल जैसे भीड़भाड़ वाले मुहानों पर पहुंचकर हाथ मिलाकर सामान की डिलीवरी दे देता था और तुरंत वहां से अपनी अवस्थिति बदल लेता था। इस प्रविधि के कारण वह लंबे समय से पुलिस की रूटीन चेकिंग को चकमा देने में विधिक रूप से सफल हो रहा था, लेकिन इस बार पुलिस के मानवीय खुफिया तंत्र ने उसके इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

सप्लाई चेन और बैकवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी पुलिस, कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड की होगी जांच

​एसकेपुरी के थानेदार ने मामले की विधिक कड़ियों को स्पष्ट करते हुए बताया कि विजय शाह की यह गिरफ्तारी केवल एक छोटे पेडलर को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए पटना में मादक पदार्थों की बड़ी खेप की एंट्री कराने वाले मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। थानेदार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त विजय शाह से इस बिंदु पर सघन पूछताछ की जा रही है कि वह इतनी शुद्ध मात्रा में गांजा पटना प्रक्षेत्र के भीतर किस बड़े थोक सप्लायर से खरीद कर लाता था। प्रारंभिक इनपुट्स के अनुसार, पटना के सीमावर्ती जिलों या गंगा दियारा के रास्तों से नावों के जरिए इन प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बड़ी व्यावसायिक खेप शहरी इलाकों में डंप की जा रही है।

​पुलिस की तकनीकी सेल ने विजय शाह के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन को अपने नियंत्रण में ले लिया है और उसके कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) तथा डिजिटल भुगतान के विलेखों को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसके बैंक खातों या डिजिटल वॉलेट में पैसों का लेन-देन किन-किन संदेहास्पद नंबरों से हो रहा था। उन सभी मोबाइल नंबरों की विधिक अवस्थिति (लोकेशन) को ट्रेस किया जा रहा है जो पिछले 48 घंटों के भीतर विजय शाह के सीधे संपर्क में थे। पुलिस का दावा है कि इस सीडीआर विश्लेषण के आधार पर बहुत जल्द ही उन मुख्य सप्लायरों और वित्तीय मददगारों को भी विधिक रूप से चिन्हित कर लिया जाएगा जो परदे के पीछे से इस पूरे ड्रग कार्टेल का संचालन कर रहे हैं।

एनडीपीएस एक्ट के तहत नियमित प्राथमिकी दर्ज, न्यायालय में पेशी की प्रविधि शुरू

​एसकेपुरी थाना पुलिस ने बरामद 141 ग्राम गांजा, 1300 रुपये नकद और तस्करी नेटवर्क के संचार के लिए प्रयुक्त मोबाइल फोन को सीजर लिस्ट (जब्ती सूची) तैयार कर पूरी कड़ाई के साथ सील कर दिया है। गिरफ्तार अभियुक्त विजय शाह के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की सुसंगत, कड़ी और गैर-जमानती धाराओं के तहत एसकेपुरी थाने में एक नियमित प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

​थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी का स्थापित नियमों के अनुसार स्थानीय सदर अस्पताल में आधिकारिक चिकित्सीय परीक्षण और कोविड व अन्य शारीरिक जांच की प्रविधि पूरी करा ली गई है। इसके उपरांत, उसे भारी पुलिस सुरक्षा घेरे के बीच पटना के विशेष एनडीपीएस न्यायिक न्यायालय में पेश करने की अग्रतर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा के तहत बेऊर जेल भेजने की विधा पूरी की जाएगी। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने राजापुर पुल जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थल से इस नशा तस्कर की गिरफ्तारी पर प्रसन्नता व्यक्त की है और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शिक्षण संस्थानों के आस-पास ऐसे औचक अभियानों को और अधिक कड़ाई से संधारित किया जाए ताकि युवा पीढ़ी को इस जानलेवा लत से विधिक रूप से सुरक्षित रखा जा सके।

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