
पटना: बिहार की राजधानी पटना के नौबतपुर क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे एक होमगार्ड जवान की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि गंभीर रूप से घायल जवान को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम का माहौल है, जबकि गांव और आसपास के लोग भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।
यह हादसा नौबतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिहटा-सरमेरा मुख्य मार्ग पर स्थित अजवां गांव के समीप हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना में शामिल वाहन तथा उसके चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
ड्यूटी पूरी कर लौट रहे थे जवान
जानकारी के अनुसार, मृतक होमगार्ड जवान दिनेश कुमार अपनी ड्यूटी समाप्त कर सोमवार रात घर लौट रहे थे। रोज की तरह वह अपने घर जाने के लिए मुख्य सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि दिनेश कुमार सड़क पर कई फीट दूर जा गिरे। दुर्घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। घायल जवान दर्द से कराह रहे थे और उनकी स्थिति बेहद गंभीर दिखाई दे रही थी।
हादसे के बाद फरार हुआ चालक
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना के तुरंत बाद वाहन चालक मौके पर रुका नहीं और वाहन लेकर वहां से फरार हो गया। लोगों ने वाहन का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा होने और वाहन की तेज गति के कारण उसे पकड़ना संभव नहीं हो सका।
घटना की सूचना तुरंत परिजनों और पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में स्थानीय लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंच गए। गंभीर रूप से घायल जवान को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गए दिनेश
परिजनों ने घायल दिनेश कुमार को दानापुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की टीम ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। हालांकि दुर्घटना में आई गंभीर चोटों के कारण उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही।
कई घंटे तक चले उपचार के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचाने में सफल नहीं हो सके और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक दिनेश कुमार नौबतपुर थाना क्षेत्र के अजवां बथानीपर गांव के निवासी थे। वे गृह रक्षा वाहिनी में कार्यरत थे और अपनी ईमानदारी तथा कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। परिवार और गांव के लोगों के अनुसार, दिनेश बेहद मिलनसार और जिम्मेदार व्यक्ति थे।
उनकी असमय मृत्यु से परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का कहना है कि दिनेश परिवार के प्रमुख सहारा थे और उनकी मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
ग्रामीणों में दुख और आक्रोश
हादसे के बाद ग्रामीणों में भी काफी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर लगातार तेज रफ्तार वाहन दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई बार स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन से मांग भी की है, लेकिन अब तक पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वाहन चालक जिम्मेदारी से वाहन चलाते और दुर्घटना के बाद मौके से भागने के बजाय घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद करते, तो शायद स्थिति कुछ अलग हो सकती थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद नौबतपुर थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक के पुत्र सैन कुमार द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। जांच टीम विभिन्न मार्गों पर लगे कैमरों से रिकॉर्डिंग जुटा रही है ताकि वाहन की दिशा और नंबर का पता लगाया जा सके।
नौबतपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और फरार चालक को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें तेज गति और लापरवाही के कारण होती हैं।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए और दुर्घटना की स्थिति में मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए घायल व्यक्ति की सहायता करनी चाहिए। दुर्घटना के बाद मौके से भाग जाना न केवल कानूनी अपराध है बल्कि नैतिक रूप से भी गलत माना जाता है।
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
दिनेश कुमार की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके सहकर्मी, मित्र और परिचित लगातार परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। गृह रक्षा वाहिनी के जवानों ने भी अपने साथी की मौत पर गहरा दुख जताया है।
फिलहाल पुलिस फरार वाहन चालक की तलाश में जुटी हुई है और जांच जारी है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया और पूरे गांव को गमगीन कर दिया। ड्यूटी निभाकर घर लौट रहे एक जवान की इस तरह हुई मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।


