बिहार में खनिज परिवहन के नियमों में बड़ा बदलाव, 10 जून से ट्रांजिट पास अनिवार्य; उल्लंघन पर लगेगा भारी जुर्माना

हाजीपुर: बिहार सरकार ने राज्य में खनिज परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब दूसरे राज्यों से बिहार में प्रवेश करने वाले सभी लघु खनिज परिवहन वाहनों के लिए ट्रांजिट पास (ISTP) अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था 10 जून से प्रभावी होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा, साथ ही राजस्व संग्रह में भी वृद्धि होगी।

खान एवं भूतत्व विभाग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने खनिज परिवहनकर्ताओं, वाहन मालिकों और चालकों को नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।

खनिज कारोबार में पारदर्शिता लाने की पहल

सरकार द्वारा लागू की जा रही इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य राज्य में खनिज परिवहन को पूरी तरह वैध और पारदर्शी बनाना है। लंबे समय से अवैध खनन और अवैध परिवहन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार बिना वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन होने से सरकार को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ता था।

नई प्रणाली के लागू होने के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले प्रत्येक लघु खनिज परिवहन वाहन की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज होगी। इससे परिवहन प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

ट्रांजिट पास के साथ चालान रखना होगा अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत केवल ट्रांजिट पास प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं होगा। वाहन चालक को परिवहन के दौरान संबंधित राज्य द्वारा जारी वैध खनिज परिवहन चालान भी अपने साथ रखना होगा। जांच के दौरान यदि ट्रांजिट पास या वैध चालान में से कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, बिहार खनिज नियमावली तथा हाल में लागू किए गए संशोधित प्रावधानों के तहत ऐसे मामलों में जुर्माना लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

ऑनलाइन करना होगा पंजीकरण

सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और डिजिटल बनाया है ताकि परिवहनकर्ताओं को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो। ट्रांजिट पास प्राप्त करने के लिए वाहन मालिक या चालक को ISTP पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।

पंजीकरण के दौरान वाहन से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी। सफल पंजीकरण के बाद उपयोगकर्ता को लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से ट्रांजिट पास के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।

अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी।

छह घंटे के भीतर लेना होगा ट्रांजिट पास

नई व्यवस्था में समय सीमा भी निर्धारित की गई है। दूसरे राज्यों से जारी वैध खनिज परिवहन चालान बनने के छह घंटे के भीतर ट्रांजिट पास लेना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय के भीतर ट्रांजिट पास प्राप्त नहीं किया जाता है, तो संबंधित वाहन और परिवहनकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में प्रवेश करने वाले सभी खनिज वाहनों की जानकारी वास्तविक समय में उपलब्ध रहे और परिवहन प्रक्रिया पूरी तरह निगरानी के दायरे में रहे।

चालान के अनुरूप होगी पास की वैधता

अधिकारियों ने बताया कि ट्रांजिट पास की वैधता संबंधित परिवहन चालान के अनुरूप निर्धारित की जाएगी। अर्थात जिस अवधि और मात्रा के लिए चालान जारी किया गया होगा, उसी के अनुसार ट्रांजिट पास भी मान्य रहेगा।

इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी वाहन निर्धारित मात्रा से अधिक खनिज परिवहन न कर सके और दस्तावेजों का दुरुपयोग भी रोका जा सके।

ऑनलाइन देना होगा शुल्क

नई व्यवस्था के तहत ट्रांजिट पास के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। नकद भुगतान की व्यवस्था नहीं रखी गई है। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और राजस्व संग्रह का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।

सरकार ने शुल्क की दरें भी तय कर दी हैं। यदि खनिज की मात्रा वजन के आधार पर दर्ज की गई है, तो 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से शुल्क देना होगा। वहीं यदि खनिज की मात्रा आयतन के आधार पर अंकित है, तो 85 रुपये प्रति घन मीटर के हिसाब से शुल्क देय होगा।

परिवहनकर्ताओं को समय रहते तैयारी की सलाह

जिला प्रशासन ने सभी खनिज परिवहनकर्ताओं, ट्रांसपोर्ट कंपनियों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे नई व्यवस्था लागू होने से पहले अपनी सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें। अधिकारियों का कहना है कि नियम लागू होने के बाद किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।

इसके लिए संबंधित विभाग द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों तक नई व्यवस्था की जानकारी पहुंच सके। परिवहनकर्ताओं को ऑनलाइन पंजीकरण और दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया समझाने के लिए तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

अवैध खनन पर लगेगी रोक

विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से राज्य में अवैध खनन और अवैध परिवहन की घटनाओं में कमी आ सकती है। कई बार बिना वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन होने से पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान होता है। डिजिटल ट्रैकिंग और अनिवार्य ट्रांजिट पास व्यवस्था से ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण आसान होगा।

खनन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि इससे वैध कारोबारियों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि अवैध प्रतिस्पर्धा कम होने से बाजार अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 10 जून के बाद बिना ट्रांजिट पास और वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान दस्तावेजों में कमी मिलने पर जुर्माना, कानूनी कार्रवाई और अन्य दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल प्रशासन नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारी में जुटा हुआ है। सरकार का मानना है कि यह कदम बिहार में खनिज परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। आने वाले दिनों में इसके प्रभाव राज्य के खनन और परिवहन क्षेत्र में स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकते हैं।

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