​पटना मेट्रो: खेमनीचक और मीठापुर स्टेशन जल्द जुड़ेंगे

पटना। बिहार की राजधानी पटना के शहरी परिवहन में क्रांति लाने वाली पटना मेट्रो परियोजना अब अपने निर्णायक दौर में पहुँचती दिख रही है। शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने और लोगों को आधुनिक सफर का अनुभव देने के लिए निर्माणाधीन कॉरिडोर-2 की प्रगति का जायजा लेने के लिए शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने एक विस्तृत जमीनी निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य केंद्र प्राथमिकता वाले कॉरिडोर (Priority Corridor) के तहत खेमनीचक और मीठापुर स्टेशनों को जल्द से जल्द आपस में जोड़ना रहा। मुख्य सचिव ने न केवल एलिवेटेड (ऊपरगामी) रूट की स्थिति देखी, बल्कि वे जमीन के कई फीट नीचे निर्माणाधीन सुरंगों के भीतर भी दाखिल हुए। उनके साथ नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार और पटना मेट्रो के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के साथ समयबद्धता का पूरा ध्यान रखा जाए।

मीठापुर और खेमनीचक: प्राथमिकता वाले कॉरिडोर का संगम

​मुख्य सचिव ने अपने निरीक्षण की शुरुआत मीठापुर (PC-01) खंड से की। यहाँ एलिवेटेड लाइन और स्टेशन का ढांचा लगभग आकार ले चुका है। प्रत्यय अमृत ने स्टेशन परिसर के फिनिशिंग कार्य और ट्रैक बिछाने की तैयारियों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि मीठापुर और खेमनीचक के बीच के गैप को जल्द से पूरा किया जाए। यह हिस्सा पटना मेट्रो के उस प्राथमिकता वाले कॉरिडोर का हिस्सा है, जिसे सबसे पहले आम जनता के लिए खोलने की योजना है।

​खेमनीचक एक महत्वपूर्ण जंक्शन के रूप में उभर रहा है, जहाँ से यात्रियों को अन्य रूटों पर जाने की सुविधा मिलेगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि खेमनीचक और मीठापुर के बीच एलिवेटेड वायाडक्ट के जो भी काम लंबित हैं, उन्हें युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि स्टेशन तक पहुँचने वाले एप्रोच रोड और यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे प्रवेश-निकास द्वारों का काम भी साथ-साथ चलता रहे ताकि सिविल वर्क पूरा होते ही तकनीकी ट्रायल शुरू किया जा सके।

मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर: सुरंगों का जाल और टीबीएम की रफ़्तार

​निरीक्षण का दूसरा और सबसे चुनौतीपूर्ण पड़ाव मोइनुल हक स्टेडियम (PC-03) स्थित भूमिगत सेक्शन रहा। यहाँ पटना मेट्रो की सबसे जटिल इंजीनियरिंग का प्रदर्शन हो रहा है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत स्वयं टनल बोरिंग मशीन (TBM) द्वारा तैयार की गई गहरी सुरंगों के भीतर उतरे। उन्होंने वहां चल रहे टनलिंग कार्य की प्रगति का आकलन किया और इंजीनियरिंग टीम के साथ तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

​इस दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई कि मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर स्टेशन की पटरी तक का टनल तैयार हो चुका है। यह कॉरिडोर-2 की एक बड़ी सफलता है क्योंकि घनी आबादी वाले इस क्षेत्र के नीचे सुरंग बनाना एक कठिन कार्य था। प्रत्यय अमृत ने सुरंग के भीतर कंक्रीट लाइनिंग और सुरक्षा मानकों को परखा। उन्होंने कहा कि भूमिगत स्टेशनों के निर्माण में सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और आपातकालीन निकासी (Emergency Exit) की व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रखा जाए। सुरंगों के भीतर वेंटिलेशन और रोशनी के प्रबंधों को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए।

हाई-प्रोफाइल बैठक: डीMRC, पीएमआरसीएल और एलएंडटी को अल्टीमेटम

​साइट निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने परियोजना में शामिल सभी प्रमुख हितधारकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC), पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (PMRCL) और निर्माण कार्य कर रही एजेंसी एलएंडटी (L&T) के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रत्यय अमृत ने कार्य की गति को लेकर अपना असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कॉरिडोर-2 पटना की यातायात व्यवस्था के लिए लाइफलाइन साबित होगा, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।

​बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन काम में देरी के लिए कोई बहाना भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने एलएंडटी के अधिकारियों को मैनपावर और मशीनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा हो सके। नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार को निर्देश दिया गया कि वे साप्ताहिक आधार पर प्रगति की निगरानी करें और किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा, जैसे कि भूमि अधिग्रहण या यूटिलिटी शिफ्टिंग, को तुरंत दूर करें। मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए और निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए।

कॉरिडोर-2: 12 स्टेशनों का सफर और बदलता पटना

​पटना मेट्रो का कॉरिडोर-2 केवल एक परिवहन मार्ग नहीं है, बल्कि यह पटना के आर्थिक और सामाजिक भूगोल को बदलने वाला एक महाप्रोजेक्ट है। यह कॉरिडोर कुल 12 मेट्रो स्टेशनों को आपस में जोड़ता है, जो शहर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरता है। इनमें पटना जंक्शन, गांधी मैदान, पीएमसीएच, और मोइनुल हक स्टेडियम जैसे प्रमुख केंद्र शामिल हैं।

​निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने बताया कि जब यह कॉरिडोर पूरी तरह से क्रियाशील हो जाएगा, तो पटना की यातायात व्यवस्था में एक बड़ा आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिलेगा। बेली रोड और अशोक राजपथ जैसे इलाकों में लगने वाले जाम से लोगों को स्थायी मुक्ति मिलेगी। 12 स्टेशनों के इस नेटवर्क के माध्यम से छात्र, मरीज, व्यापारी और आम नौकरीपेशा लोग कम समय और कम खर्च में अपनी मंजिल तक पहुँच सकेंगे। प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्टेशनों के डिजाइन में स्थानीय कला और संस्कृति की झलक भी दिखनी चाहिए ताकि पटना मेट्रो अपनी एक विशिष्ट पहचान बना सके।

चुनौतियां और 2026 का लक्ष्य

​पटना जैसे पुराने और घनी आबादी वाले शहर में मेट्रो का निर्माण करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। विशेष रूप से भूमिगत खंडों में पुरानी पाइपलाइनों, बिजली के तारों और संकरी गलियों के नीचे टनलिंग करना एक तकनीकी परीक्षा जैसा है। शुक्रवार के निरीक्षण के दौरान इन चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। प्रत्यय अमृत ने निर्देश दिया कि वर्षा ऋतु आने से पहले उन सभी स्थानों पर काम पूरा कर लिया जाए जहाँ खुदाई की गई है, ताकि सड़कों पर जल-जमाव की स्थिति पैदा न हो।

​मुख्य सचिव का यह दौरा इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार अब पटना मेट्रो को लेकर ‘फिनिशिंग मोड’ में आ चुकी है। 2026 के इस पड़ाव पर सरकार चाहती है कि कम से कम प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ना शुरू कर दे। खेमनीचक और मीठापुर के जुड़ने से यात्रियों के लिए एक बड़ा हिस्सा सुलभ हो जाएगा। विनय कुमार और अन्य अधिकारियों ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि वे पूरी निष्ठा के साथ इस लक्ष्य को प्राप्त करने में जुटे हुए हैं। पटना मेट्रो के इस कॉरिडोर के पूरा होने से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि शहर की रफ़्तार को एक नया आयाम भी मिलेगा।

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