सुरक्षा अभ्यास के बीच राजधानी में दुस्साहस: ब्लैकआउट के दौरान मसाला दुकानदार की गोली मारकर हत्या, अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हुए शूटर

पटना। बिहार के छह जिलों में गुरुवार की शाम जब प्रशासन ‘ब्लैकआउट’ के जरिए हवाई हमले जैसी आपात स्थितियों से निपटने का अभ्यास कर रहा था, ठीक उसी समय राजधानी पटना के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में अपराधियों ने सुरक्षा तंत्र की धज्जियां उड़ाते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। मुसल्लहपुर हाट जैसे व्यस्त व्यापारिक इलाके में घात लगाए बदमाशों ने एक मसाला दुकानदार की सिर में गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी। यह खूनी खेल उस समय खेला गया जब पूरा इलाका घने अंधेरे में डूबा हुआ था और लोग नागरिक सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए अपनी बत्तियां बुझाकर घरों में दुबके हुए थे। मृतक की पहचान 35 वर्षीय पिंटू कुमार उर्फ बऊका के रूप में हुई है। इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल व्यापारियों में दहशत फैला दी है, बल्कि राज्यव्यापी सुरक्षा ड्रिल के दौरान पुलिस की मुस्तैदी और गश्ती पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

अंधेरे की ओट में वारदात: सायरन के बाद गूँजी गोलियां

​वारदात की पटकथा गुरुवार दोपहर के बाद से ही लिखी जा रही थी, जब सुल्तानगंज के मुसल्लहपुर हाट में सामान्य व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। शाम के सात बजते ही जैसे ही नागरिक सुरक्षा निदेशालय के निर्देश पर ‘ब्लैकआउट’ शुरू हुआ, पूरा इलाका अंधेरे की आगोश में समा गया। प्रशासन की अपील पर दुकानदारों ने अपनी लाइटें बंद कर दी थीं और वाहनों की हेडलाइट्स भी बुझा दी गई थीं। सन्नाटे के बीच लोग घड़ी की सुइयां देख रहे थे कि कब यह 10 मिनट का अंतराल समाप्त हो। इसी सन्नाटे और अंधेरे का लाभ अपराधियों ने उठाया। ब्लैकआउट शुरू होने के महज छह से सात मिनट के भीतर ही मुसल्लहपुर हाट की एक संकरी गली में गोलियों की तड़तड़ाहट गूँजी।

​प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, गोली चलने की आवाज सुनकर पहले तो लोग चौंक गए, क्योंकि उस समय पूरा इलाका शांत था। कुछ पलों के बाद जब अफरातफरी मची, तो लोग पिंटू की दुकान की ओर दौड़े। वहां पिंटू खून से लथपथ होकर जमीन पर गिरा हुआ था। अपराधियों ने उसे बेहद करीब से सिर में गोली मारी थी, जिससे वह तुरंत अचेत हो गया। हमलावर अंधेरे का फायदा उठाते हुए हाट की पतली गलियों के रास्ते भागने में सफल रहे। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में पिंटू को उठाया और पीएमसीएच ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।

पिता के सामने ही बुझ गया चिराग: बेबस खड़े रहे परिजन

​इस हत्याकांड की सबसे दुखद कड़ी यह रही कि जिस समय हमलावरों ने पिंटू पर गोलियां बरसाईं, उसके पिता नेपाली साव दुकान के भीतर ही मौजूद थे। उम्र के इस पड़ाव पर अपने जवान बेटे को खोने वाले पिता की बेबसी का आलम यह था कि अंधेरे के कारण वे अपराधियों को देख तक नहीं सके। नेपाली साव ने पुलिस को बताया कि ब्लैकआउट के कारण दुकान और बाहर की गली में घना अंधेरा था। उन्हें केवल गोली चलने की आवाज सुनाई दी और कुछ ही सेकंड में उनका बेटा फर्श पर तड़प रहा था।

​अपराधी कितनी संख्या में थे और किस दिशा से आए, यह घने अंधेरे के कारण रहस्य बना हुआ है। पिंटू उर्फ बऊका इलाके में एक मिलनसार दुकानदार के रूप में जाना जाता था, जिसकी हत्या की खबर सुनते ही मुसल्लहपुर हाट के अन्य व्यवसायी भी सहम गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार एक ही सवाल कर रहे हैं कि जिस समय पुलिस को हर मोड़ पर मुस्तैद होना चाहिए था, उस समय अपराधी हथियार लेकर सरेराह कैसे घूम रहे थे। यह घटना दर्शाती है कि अपराधियों ने इस मॉकड्रिल के समय को अपनी साजिश के लिए सबसे उपयुक्त माना।

पुलिसिया चौकसी पर सवाल: मॉकड्रिल या आपराधिक अवसर?

​मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना होता है कि आपात स्थिति में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां कितनी सक्रिय हैं। लेकिन सुल्तानगंज में हुई इस घटना ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सरकार ने ब्लैकआउट की घोषणा की थी, तो हाट जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्ती बढ़ानी चाहिए थी। अपराधियों ने इस 10 मिनट के अंधेरे को एक अवसर के रूप में इस्तेमाल किया, यह जानते हुए कि इस दौरान न तो कोई उन्हें देख पाएगा और न ही सीसीटीवी कैमरे अंधेरे में उनकी स्पष्ट पहचान कर सकेंगे।

​घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी राजकिशोर सिंह और सुल्तानगंज थाने की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है और साक्ष्य संकलन के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। मौके पर पहुँचे सिटी एसपी परिचय कुमार ने भी स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवार से बात की। उन्होंने माना कि यह घटना सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या अपराधियों ने पहले से ही पिंटू की रेकी की थी और वे केवल ब्लैकआउट का इंतजार कर रहे थे।

लेनदेन का विवाद या पुरानी रंजिश? जांच के विभिन्न पहलू

​सिटी एसपी परिचय कुमार ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। परिजनों और करीबियों से पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि करीब एक सप्ताह पहले पिंटू का कुछ लोगों के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर तीखा विवाद हुआ था। पुलिस को संदेह है कि वह विवाद इस हत्याकांड की मुख्य वजह हो सकता है। आपसी रंजिश के एंगल से भी जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पिंटू के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि हाल के दिनों में वह किन लोगों के संपर्क में था और क्या उसे कोई धमकी मिली थी।

​हाट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी निकाली जा रही है। हालांकि, ब्लैकआउट के दौरान अंधेरा होने के कारण फुटेज में अपराधियों के चेहरे साफ होने की संभावना कम है, लेकिन पुलिस को उम्मीद है कि ब्लैकआउट शुरू होने से पहले या उसके तुरंत बाद के फुटेज में अपराधियों की बाइक या उनके भागने के रास्ते का कोई सुराग मिल सकता है। पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

व्यापारियों में आक्रोश: सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?

​मुसल्लहपुर हाट में हुई इस वारदात के बाद व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। व्यवसायियों का कहना है कि वे हर साल भारी टैक्स देते हैं और सरकार के हर नियम का पालन करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें केवल असुरक्षा मिलती है। दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे हाट बंद कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका तर्क है कि अगर राजधानी के पॉश और व्यस्त व्यापारिक इलाकों में दुकानदार सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी।

​घटनास्थल पर मौजूद सिटी एसपी ने व्यापारियों को आश्वस्त किया है कि पुलिस अपराधियों के करीब पहुँच चुकी है और जल्द ही इस मामले का उद्भेदन कर दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या हमलावर स्थानीय थे या बाहर से सुपारी देकर बुलाए गए थे। जिस तरह से सिर में सटीक गोली मारी गई, उससे यह स्पष्ट होता है कि शूटर पेशेवर थे और उनका उद्देश्य केवल पिंटू की जान लेना था।

तफ्तीश का बढ़ता दायरा और अनसुलझे सवाल

​फिलहाल मुसल्लहपुर हाट में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पीएमसीएच में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। पिंटू की हत्या ने उस प्रशासनिक तैयारी पर सवालिया निशान लगा दिया है, जिसका ढिंढोरा पूरे दिन पीटा गया था। अगर 10 मिनट के कृत्रिम अंधेरे में अपराधी किसी की जान ले सकते हैं, तो यह सोचना डरावना है कि वास्तविक संकट के समय सुरक्षा की क्या स्थिति होगी। सुल्तानगंज पुलिस अब परिजनों के विस्तृत बयान का इंतजार कर रही है ताकि प्राथमिकी में नामजद आरोपियों को शामिल किया जा सके।

​पुलिस की जांच अब मुसल्लहपुर हाट के उन संकरे रास्तों पर केंद्रित है जहाँ से अपराधी भाग निकले थे। एफएसएल की टीम ने दुकान के बाहर से खून के नमूने और संभावित उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) लिए हैं। यह भी देखा जा रहा है कि वारदात में किस बोर के हथियार का इस्तेमाल हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अपराधी पैदल ही गली के भीतर आए थे और बाहर किसी वाहन पर उनके साथी इंतजार कर रहे थे। हाट के दुकानदारों ने माँग की है कि इस पूरे इलाके में पुलिस पिकेट की स्थापना की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। राजधानी पटना एक बार फिर अपराध की इस नई और दुस्साहसिक पद्धति से दहल उठी है।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार, भूमि अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

    Share Add as a preferred…

    मोदी सरकार के 12 साल पर मुख्यमंत्री का बड़ा दावा, बिहार बना विकास का इंजन; डिफेंस कॉरिडोर, एयर कनेक्टिविटी और 5 लाख करोड़ निवेश का रोडमैप पेश

    Share Add as a preferred…