मोदी सरकार के 12 साल पर मुख्यमंत्री का बड़ा दावा, बिहार बना विकास का इंजन; डिफेंस कॉरिडोर, एयर कनेक्टिविटी और 5 लाख करोड़ निवेश का रोडमैप पेश

पटना। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास, आधारभूत संरचना, औद्योगिक निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई बड़े दावे और घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में बिहार ने विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज राज्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में पहुंच चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार, जिसे कभी पिछड़ेपन और सीमित संसाधनों वाले राज्य के रूप में देखा जाता था, आज देश के तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के सहयोग, वित्तीय सुधारों और विकासोन्मुख नीतियों के कारण राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में व्यापक बदलाव आया है।

वित्तीय स्थिति में आया बड़ा बदलाव

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार की वित्तीय स्थिति को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने और केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों के प्रभाव से राज्य की राजस्व क्षमता मजबूत हुई है।

उनका कहना था कि पिछले वर्षों में बिहार को मिलने वाले कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विकास योजनाओं को गति देने में मदद मिली है। राज्य का बजट लगातार बढ़ा है और अब बिहार बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन से जुड़ी परियोजनाओं पर निवेश कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता ने राज्य को नई विकास योजनाएं शुरू करने और लंबित परियोजनाओं को पूरा करने की क्षमता प्रदान की है।

गरीब कल्याण योजनाओं का दिखा असर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धि गरीब कल्याण को बताया। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को आवास, शौचालय, पेयजल, बिजली और खाद्यान्न जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने से उनके जीवन स्तर में बड़ा सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि जनधन खाते और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाई है। अब सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और भ्रष्टाचार पर भी नियंत्रण लगा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इन योजनाओं ने ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।

सड़क और पुल परियोजनाओं से बढ़ी कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क संपर्क व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। गांवों तक सड़क पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है और ग्रामीण संपर्क मार्गों का तेजी से विस्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे और कॉरिडोर परियोजनाओं पर काम चल रहा है। पटना से पूर्णिया, बक्सर से भागलपुर, आमस से दरभंगा, गोरखपुर से सिलीगुड़ी, रक्सौल से हल्दिया तथा वाराणसी से गया होते हुए कोलकाता तक संपर्क मजबूत करने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

इसके अलावा गंगा नदी सहित कई प्रमुख नदियों पर नए पुलों का निर्माण किया गया है तथा कई अन्य पुल निर्माणाधीन हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क और अधिक मजबूत होगा।

हर जिले को हवाई संपर्क से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हवाई संपर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।

पटना, दरभंगा और पूर्णिया के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी हवाई सेवाओं का विस्तार करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत नए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में राज्य के अधिकाधिक जिलों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

राजगीर और मुंगेर में डिफेंस कॉरिडोर की तैयारी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रक्षा उत्पादन क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बिहार में रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

उनके अनुसार इससे राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के आने से बिहार की औद्योगिक पहचान भी मजबूत होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना धरातल पर उतरती है तो बिहार के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।

5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी महीनों में राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को जमीन पर उतारने की दिशा में कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किए हैं। उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है ताकि निवेशकों को अनावश्यक प्रशासनिक बाधाओं का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री के अनुसार, निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य में डेटा सेंटर सहित कई नई परियोजनाओं पर भी कार्य शुरू होने वाला है।

उद्योग लगाने के लिए मिलेगी स्वचालित मंजूरी

व्यवसाय और उद्योग क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने के लिए पहले निवेशकों को कई तरह की मंजूरियां लेनी पड़ती थीं, जिससे प्रक्रिया लंबी और जटिल हो जाती थी।

अब सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने का निर्णय लिया है। नए प्रावधानों के तहत निवेशकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक स्वीकृतियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 दिनों के भीतर स्वचालित मंजूरी की व्यवस्था से बिहार में निवेश का माहौल बेहतर होगा और उद्योगों की स्थापना को नई गति मिलेगी।

स्वास्थ्य और शिक्षा में तेजी से विस्तार

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सुविधाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जा रहा है।

उन्होंने दरभंगा एम्स, कैंसर अस्पताल और पीएमसीएच विस्तार जैसी परियोजनाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियां बताया।

शिक्षा क्षेत्र में भी राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। स्कूलों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और आईटीआई की संख्या में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को प्राथमिकता देकर युवाओं को रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।

महिला सशक्तीकरण और सामाजिक न्याय पर जोर

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण को विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि जीविका समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ी है और वे आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इसके साथ ही सामाजिक न्याय से जुड़े कई निर्णयों का भी उल्लेख किया गया।

विकास की नई दिशा का दावा

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में केवल योजनाओं की घोषणा नहीं हुई, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का भी प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि आधारभूत संरचना, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में हुए कार्यों ने बिहार को नई पहचान दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में राज्य आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बिहार देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।

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