उत्तर बिहार को मिलेगी बड़ी रेल सौगात, मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बछवाड़ा रेलखंड पर बनेगी तीसरी लाइन

मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार के लाखों रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। Muzaffarpur–Samastipur–Bachhwara रेलखंड पर तीसरी रेल लाइन बिछाने की तैयारी तेज कर दी गई है। रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शुरू कर दिया है।

86.21 किलोमीटर लंबे रेलखंड का हो रहा सर्वे

रेलवे अधिकारियों के अनुसार करीब 86.21 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग का फाइनल लोकेशन सर्वे किया जा रहा है। सर्वे का कार्य Arunodaya Engineering Limited द्वारा किया जा रहा है।

सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी, जिसके आधार पर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

क्यों जरूरी है तीसरी रेल लाइन?

यह रेलखंड East Central Railway के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक माना जाता है।

इस रूट पर रोजाना:

  • एक्सप्रेस ट्रेनें
  • पैसेंजर ट्रेनें
  • मालगाड़ियां

बड़ी संख्या में संचालित होती हैं।

वर्तमान में केवल दो लाइनें होने के कारण:

  • ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए इंतजार करना पड़ता है।
  • ओवरटेकिंग में समय लगता है।
  • कई ट्रेनें घंटों लेट हो जाती हैं।
  • मालगाड़ियों का परिचालन प्रभावित होता है।

यात्रियों और उद्योगों को होगा फायदा

तीसरी लाइन बनने के बाद:

✅ ट्रेनों की समयबद्धता बेहतर होगी
✅ जाम जैसी स्थिति कम होगी
✅ मालगाड़ियों के लिए अलग परिचालन क्षमता बढ़ेगी
✅ यात्रा समय में कमी आएगी
✅ रेलवे की परिचालन दक्षता बढ़ेगी

विशेषज्ञों के अनुसार इसका सबसे बड़ा लाभ माल परिवहन क्षेत्र को मिलेगा।

औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

यह परियोजना उत्तर बिहार के कई प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्रों को फायदा पहुंचाएगी, जिनमें शामिल हैं:

  • Barauni
  • Samastipur
  • Bachhwara
  • Muzaffarpur

कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम हो सकेगी।

फाइनल लोकेशन सर्वे में क्या तय होगा?

सर्वे के दौरान यह निर्धारित किया जाएगा कि:

  • नई लाइन का सटीक रूट क्या होगा।
  • कितनी भूमि की आवश्यकता होगी।
  • कितने पुल और पुलियों का निर्माण होगा।
  • परियोजना की अनुमानित लागत कितनी होगी।
  • निर्माण कार्य कितने चरणों में पूरा होगा।

उत्तर बिहार के अन्य रेल मार्गों पर भी काम

रेलवे केवल इसी परियोजना तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार निम्न रेलखंडों पर भी सर्वे जारी है:

  • Chhapra–बछवाड़ा रेलखंड
  • Shahpur Patori रूट
  • Barauni–Katihar रेलखंड

करीब 450 किलोमीटर लंबे विभिन्न रेल मार्गों के विस्तार और क्षमता वृद्धि की योजनाओं पर रेलवे काम कर रहा है।

यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो उत्तर बिहार की रेल कनेक्टिविटी, माल ढुलाई और यात्री सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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