
पटना: Tejashwi Yadav ने एक बार फिर बिहार सरकार और मुख्यमंत्री Samrat Choudhary पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दे चरम पर हैं, लेकिन सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए बंगला, सुरक्षा और नाम बदलने जैसे मुद्दों को आगे कर रही है।
“सुरक्षा और बंगला छीनकर मुद्दे नहीं दबेंगे”
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार को लगता है कि Rabri Devi का आवास और लालू परिवार की सुरक्षा वापस लेकर जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाया जा सकता है, लेकिन ऐसा संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से दो-चार दिन की सुर्खियां तो मिल सकती हैं, लेकिन बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे खत्म नहीं होंगे।
“जनता जब सड़क पर आ जाएगी, तब क्या करेंगे? कब तक युवाओं पर लाठियां चलवाएंगे?”
बेरोजगारी और महंगाई पर सरकार को घेरा
आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि राज्य के युवा रोजगार की मांग लेकर सड़कों पर उतरते हैं तो उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं और युवाओं से कई वादे किए थे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया।
तेजस्वी ने सवाल उठाया कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के जो वादे किए गए थे, उनका क्या हुआ?
“नाम बदलने से नहीं बदलेंगे हालात”
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार शहरों और संस्थानों के नाम बदलने में व्यस्त है, जबकि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाओं की स्थिति खराब है।
उनके अनुसार:
- अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है।
- स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं।
- गरीब मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
- युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा।
कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि बिहार में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जनता का पैसा सुरक्षित नहीं है।
लालू यादव को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
इस अवसर पर तेजस्वी यादव ने अपने पिता एवं राजद सुप्रीमो Lalu Prasad Yadav को 79वें जन्मदिन की बधाई भी दी।
उन्होंने कहा कि लाखों कार्यकर्ताओं और समर्थकों की दुआएं लालू यादव के साथ हैं और वे उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर और तेज होने वाला है, जिसमें बेरोजगारी, अपराध, विकास और जनकल्याण के मुद्दे प्रमुख रहेंगे।


