
नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2026। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर चल रही अटकलों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल ईंधन के दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को लेकर आशंकाएं जताई जा रही थीं।
अफवाहों को किया खारिज
पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मंगलवार को स्पष्ट कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर जो चर्चाएं चल रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और आम जनता को इस तरह की अफवाहों से भ्रमित होने की जरूरत नहीं है।
पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है।
संयुक्त सचिव ने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई चेन मजबूत है और किसी भी परिस्थिति में आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक कदम उठा रही है।
घबराहट में खरीदारी न करने की अपील
सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह के कारण घबराहट में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी गैस सिलेंडर की अतिरिक्त खरीदारी न करें।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अनावश्यक खरीदारी से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है, जबकि वास्तविकता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।
एलपीजी आपूर्ति भी सामान्य
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और इसे और बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं।
घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।
वैश्विक परिस्थितियों पर नजर
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि देखी गई है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान हो रहा है।
इसके बावजूद सरकार ने कीमतों को स्थिर बनाए रखने का निर्णय लिया है, ताकि आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर चिंता
इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत ने अपनी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जल्द से जल्द सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां किसी भी प्रकार की बाधा का असर पूरी दुनिया के तेल बाजार पर पड़ सकता है।
सरकार की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार फिलहाल कीमतों को स्थिर बनाए रखने के साथ-साथ आपूर्ति सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रही है।
इसके लिए विभिन्न स्रोतों से तेल आयात, भंडारण क्षमता बढ़ाने और वैकल्पिक उपायों पर भी काम किया जा रहा है।
आम लोगों के लिए राहत
सरकार के इस बयान से आम लोगों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ता है।
परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई पर भी असर पड़ता है, इसलिए कीमतों को स्थिर बनाए रखना आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी और देश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी।
हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में स्थिति में बदलाव संभव हो सकता है, लेकिन फिलहाल आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकार की प्राथमिकता है कि आपूर्ति बनी रहे और लोगों को राहत मिलती रहे, ताकि देश की आर्थिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहें।


