पटना। चुनावी मौसम से पहले प्रशांत किशोर (पीके) के खुलासों ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीके ने एक साथ भाजपा और जेडीयू के कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए।
पीके ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर आरोप लगाया कि कोरोना संकट के दौरान जब लोग परेशान थे, उस समय मंत्री ने संपत्ति अर्जित की। उनके मुताबिक, इसी दौरान मंगल पांडेय की पत्नी के बैंक खाते में 2 करोड़ 12 लाख रुपये आए। उन्होंने सवाल उठाया कि यह रकम कहां से आई और मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।
यही नहीं, पीके ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और सांसद संजय जयसवाल के खिलाफ भी खुलासे किए।
सबसे बड़ा आरोप उन्होंने जेडीयू नेता और ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी पर लगाया। पीके ने दावा किया कि अशोक चौधरी ने हाल ही में करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति अपनी बेटी व रिश्तेदारों के नाम पर बनाई है। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें से 38 करोड़ रुपये की संपत्ति का ठोस सबूत उनके पास मौजूद है।
जेडीयू ने लिया किनारा
प्रशांत किशोर के आरोपों के बाद जेडीयू के प्रवक्ताओं ने सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन पार्टी लाइन साफ कर दी। प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जिन पर आरोप लगे हैं, वही जवाब दें।
- पार्टी प्रवक्ता नवल शर्मा ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा:
“पार्टी की साख और नेता की छवि सारे कार्यकर्ताओं के लिए अमूल्य धरोहर है। नीतीश कुमार जी का संत व्यक्तित्व और भ्रष्टाचार से लड़ने की अदम्य जिजीविषा पूरे बिहार के लिए प्रेरणा रही है।” - वहीं मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा:
“नीतीश कुमार ने 20 वर्षों के कार्यकाल और पूरे राजनीतिक जीवन में ईमानदारी व सूचिता से राजनीति को नई परिभाषा दी है। कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो उन पर 1 पाई का आरोप साबित कर सके। जिन पर आरोप लगे हैं, वही जवाब दें। नीतीश जी = Zero Tolerance।”
नीरज कुमार के इस बयान को पार्टी के अन्य प्रवक्ताओं ने भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है।


