सिवान फायरिंग केस में नया मोड़, DM बोले- पुलिसकर्मी को हवाई फायरिंग का आदेश नहीं था

बिहार में NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के दौरान सिवान में पुलिस की फायरिंग को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोली चलाई गई और पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर छात्रों पर AK-47 से फायरिंग का आदेश किसने दिया था।

तेजस्वी यादव के बयान के बाद आरजेडी के राज्यसभा सांसद संजय यादव ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से गोली चलाने जैसी घटना पहले कभी नहीं हुई। उनका आरोप है कि बिहार सरकार के कार्यकाल में यह एक गंभीर और चिंताजनक घटना है।

संजय यादव ने कहा कि यदि भीड़ नियंत्रण के दौरान AK-47 का इस्तेमाल हुआ है, तो पुलिस मैनुअल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने मांग की कि इसकी जिम्मेदारी तय की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि फायरिंग का आदेश किसने दिया।

वहीं बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आरजेडी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार छात्रों पर गोली चलाने वाली नहीं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ाने वाली सरकार है। उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की।

क्या है पूरा मामला?

25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सिवान के जेपी चौक पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। पुलिस के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात जवानों को भीड़ ने घेर लिया था, जिसके बाद एक सिपाही ने हवा में चार राउंड फायरिंग की। पुलिस का कहना है कि फायरिंग केवल भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई थी।

हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्हें गोली लगी थी। घायल छात्रों ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में बताया कि वे प्रदर्शन के दौरान घायल हुए और बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

सिपाही निलंबित, जांच जारी

सिवान के एसपी पूरण कुमार झा ने बताया कि फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि घटना में तीन लोग घायल हुए थे और सभी खतरे से बाहर हैं।

वहीं सिवान के जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि संबंधित पुलिसकर्मी मूल रूप से दूसरी ड्यूटी पर तैनात था और उसे आम लोगों के बीच AK-47 लेकर नहीं जाना चाहिए था। उन्होंने स्पष्ट किया कि हवाई फायरिंग का भी उसे कोई आदेश नहीं दिया गया था।

प्रदर्शनकारियों की रिहाई का आदेश

इस बीच बिहार सरकार ने NEET UG परीक्षा से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के दौरान 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई का आदेश जारी किया है।

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया कि यह फैसला विपक्ष के दबाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार को अब छात्रों पर दर्ज मामलों को पूरी तरह वापस लेना चाहिए और सभी आदेशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

अब सिवान फायरिंग मामले की जांच और उससे जुड़े तथ्यों पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान क्या हुआ और जिम्मेदारी किसकी बनती है।

  • ये भी पढ़े..

    बाबा गरीबनाथ धाम बनेगा काशी विश्वनाथ की तर्ज पर! ₹6.19 करोड़ से कॉरिडोर निर्माण को मंजूरी, श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

    Share Add as a preferred…

    TRE-3 पेपर लीक में बड़ा एक्शन: EOU ने MBBS डॉक्टर को किया गिरफ्तार, संजीव मुखिया गैंग से जुड़े तार, 30 अभ्यर्थियों को होटल ले जाकर कराया था पेपर!

    Share Add as a preferred…