
बिहार में नया कारखाना, दुकान, गोदाम या कोई औद्योगिक इकाई शुरू करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने कल-कारखानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। अब हर नए संचालक को तय समय के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। समय पर आवेदन नहीं करने पर कई गुना अधिक शुल्क देना पड़ सकता है।
श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता नियमावली-2026 के तहत पंजीकरण शुल्क और विलंब शुल्क की नई व्यवस्था लागू की है। सरकार का कहना है कि इससे राज्य के सभी प्रतिष्ठानों का रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा और श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
समय पर पंजीकरण कराने पर कम देना होगा शुल्क
सरकार के अनुसार, नए व्यवसाय शुरू करने वाले और अब तक पंजीकरण नहीं कराने वाले सभी संचालकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। नियम लागू होने के 60 दिनों के भीतर आवेदन करने पर न्यूनतम शुल्क देना होगा, जबकि देरी होने पर शुल्क कई गुना तक बढ़ जाएगा।
कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तय होगा शुल्क
सरकार ने कर्मचारियों की संख्या के अनुसार पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया है।
| कर्मचारियों की संख्या | 60 दिनों तक | 61 से 90 दिन | 91 से 180 दिन | 181 दिन के बाद |
|---|---|---|---|---|
| 10 से 49 | 500 रुपये | 1,000 रुपये | 5,000 रुपये | 10,000 रुपये |
| 50 से 100 | 1,000 रुपये | 2,000 रुपये | 10,000 रुपये | 20,000 रुपये |
| 101 से 300 | 2,000 रुपये | बढ़ा हुआ शुल्क | बढ़ा हुआ शुल्क | 40,000 रुपये |
| 301 से 500 | 3,000 रुपये | बढ़ा हुआ शुल्क | बढ़ा हुआ शुल्क | 50,000 रुपये |
| 501 से 1,000 | 4,000 रुपये | बढ़ा हुआ शुल्क | बढ़ा हुआ शुल्क | 60,000 रुपये |
| 1,001 से 5,000 | 5,000 रुपये | बढ़ा हुआ शुल्क | बढ़ा हुआ शुल्क | 70,000 रुपये |
सरकार ने अधिकतम पंजीकरण शुल्क 80,000 रुपये तक निर्धारित किया है।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
श्रम विभाग ने पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। आवेदन जमा होने के बाद दस्तावेज सही पाए जाने पर बिना किसी अनावश्यक देरी के पंजीकरण जारी किया जाएगा।
अगर आवेदन में कोई कमी रहती है, तो संबंधित अधिकारी सात दिनों के भीतर आवेदक से संपर्क कर आवश्यक सुधार करवाएंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छोटी-मोटी तकनीकी गलतियों के आधार पर आवेदन रद्द नहीं किया जाएगा।
प्रतिष्ठान में प्रदर्शित करना होगा प्रमाणपत्र
पंजीकरण मिलने के बाद उसका प्रमाणपत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप से दुकान, प्रतिष्ठान या कारखाने में प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। यह प्रमाणपत्र किसी अन्य व्यक्ति या संस्था को हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा, पहले से पंजीकृत प्रतिष्ठानों को भी नए ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट करनी होगी। गलत जानकारी देकर पंजीकरण प्राप्त करने पर उसे कभी भी रद्द किया जा सकता है।
कारोबार बंद होने पर भी मिलेगी सुविधा
यदि कोई कारोबारी अपना व्यवसाय या प्रतिष्ठान स्थायी रूप से बंद करना चाहता है, तो वह ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण निरस्त कराने के लिए आवेदन कर सकेगा। इससे सरकारी रिकॉर्ड अपडेट रहेगा और भविष्य में कानूनी परेशानियों से बचा जा सकेगा।
कारोबारियों के लिए सरकार की बड़ी सलाह
सरकार ने कारोबारियों को सलाह दी है कि नया व्यवसाय शुरू करते ही तय समय के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण जरूर करा लें। इससे अतिरिक्त शुल्क और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकेगा। थोड़ी सी लापरवाही भविष्य में हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ बन सकती है। इसलिए बिहार में नया उद्योग, दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान शुरू करने से पहले पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करना बेहद जरूरी है।


