
बिहार के नवादा जिले से एक दिल दहला देने वाली दोहरे हत्याकांड की घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के खानापुर गांव में घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने अपनी पत्नी और साले पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल साले ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटना के हर पहलू को खंगाल रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतका पूजा कुमारी की शादी कुछ वर्ष पहले चैनपुरा गांव निवासी मौली कुमार से हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच संबंध सामान्य नहीं थे। परिवार के लोगों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद और कहासुनी होती रहती थी। समय के साथ यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कई बार परिवार और गांव के लोगों के सामने भी पहुंचा। दोनों की एक तीन वर्षीय बेटी भी है, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद वैवाहिक रिश्ते में तनाव लगातार बना रहा।
घटना से एक दिन पहले भी दोनों के बीच तीखा विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए महिला को उसकी सुरक्षा के लिए मायके भेज दिया गया था। उस समय किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि अगले ही दिन यह विवाद इतना भयावह रूप ले लेगा।
शुक्रवार को आरोपी पति अपनी पत्नी के मायके खानापुर पहुंचा। पुलिस के अनुसार, वह अपने साथ धारदार चाकू लेकर आया था। घर में प्रवेश करते ही दोनों के बीच फिर से कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक घटना में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में आरोपी ने पत्नी पर लगातार कई बार चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई और परिजन मदद के लिए दौड़े।
इस दौरान मृतका का भाई आदित्य कुमार अपनी बहन को बचाने के लिए बीच में आया। आरोप है कि आरोपी ने उस पर भी चाकू से कई वार कर दिए। हमले में आदित्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घर में चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद पूजा कुमारी को मृत घोषित कर दिया। वहीं आदित्य कुमार की हालत बेहद गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया। हालांकि इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह एक ही परिवार ने कुछ ही घंटों के भीतर बेटी और बेटे दोनों को खो दिया, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार, वह सीधे वारिसलीगंज थाना पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में घरेलू विवाद को घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।
जांच अधिकारियों ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार को बरामद करने की कार्रवाई की जा रही है। घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण कर नमूने एकत्र किए हैं, ताकि जांच को वैज्ञानिक आधार पर आगे बढ़ाया जा सके।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हमले की प्रकृति, चोटों की संख्या और मौत के कारणों की विस्तृत जानकारी सामने आएगी। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और कई बार परिवार के लोगों ने दोनों को समझाने का प्रयास भी किया था। स्थानीय स्तर पर पंचायत के माध्यम से भी मतभेद दूर करने की कोशिश हुई थी, लेकिन रिश्तों में आई खटास कम नहीं हो सकी। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग इस दोहरे हत्याकांड से स्तब्ध हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घरेलू विवाद से जुड़े मामलों में समय रहते कानूनी और सामाजिक स्तर पर समाधान निकालना बेहद जरूरी है। कई बार छोटी-छोटी कहासुनी समय पर नहीं सुलझने पर गंभीर घटनाओं का रूप ले लेती है। ऐसे मामलों में परिवार, समाज और प्रशासन की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने घटना की योजना पहले से बनाई थी या फिर यह हमला अचानक गुस्से में किया गया। घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। यदि आवश्यक हुआ तो तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद, पारिवारिक परामर्श और कानूनी सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि विवाद हिंसा में न बदलें।
फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और उसके खिलाफ हत्या समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में इस दोहरे हत्याकांड की चर्चा बनी हुई है।


