भागलपुर में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, फायरिंग और मारपीट के आरोपों से गांव में तनाव, पुलिस जांच में जुटी

भागलपुर। जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बलुआचक गांव में वर्षों पुराने जमीन विवाद ने रविवार को अचानक हिंसक रूप ले लिया। विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा हुआ और फायरिंग, मारपीट तथा जानलेवा हमले के आरोप लगाए गए। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जगदीशपुर थाना में अलग-अलग आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। साथ ही एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

पुलिस के अनुसार घटना का केंद्र बलुआचक गांव की वह जमीन है, जिस पर लंबे समय से दोनों पक्ष अपना-अपना दावा करते आ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस भूमि को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा है और मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। इसी विवाद के बीच रविवार को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पहले पक्ष की ओर से संजय कुमार यादव ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ खेत के पास मौजूद थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कई लोग हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। उनका कहना है कि हमले से अपनी और परिवार की जान बचाने के लिए उन्हें अपनी लाइसेंसी रायफल से हवाई फायरिंग करनी पड़ी। उनका दावा है कि यदि ऐसा नहीं करते तो बड़ी घटना हो सकती थी।

संजय कुमार यादव ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके साथ गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की करते हुए गले से करीब एक लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन छीन ली। इसके अलावा पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

आवेदन में संजय कुमार यादव ने यह भी उल्लेख किया है कि विवादित जमीन पर पिछले करीब 35 वर्षों से कब्जे और स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चला आ रहा है। इस मामले की सुनवाई न्यायालय में लंबित है। उनका आरोप है कि विवादित जमीन पर दबाव बनाने और कब्जा करने के उद्देश्य से यह हमला किया गया।

वहीं दूसरे पक्ष की ओर से शशि कुमार यादव ने भी जगदीशपुर थाना में अलग आवेदन देकर अपनी बात रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह अपनी दुकान से बाहर निकले तो देखा कि उनकी जमीन पर ट्रैक्टर से जुताई की जा रही थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दूसरे पक्ष के लोग हथियारों, रायफल, पिस्टल और लाठी-डंडों के साथ वहां पहुंच गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

शशि कुमार यादव का आरोप है कि विरोध करने पर उन पर फायरिंग भी की गई और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। उनका कहना है कि पूरी घटना के पीछे जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी।

घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम और जगदीशपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा दोनों पक्षों से प्रारंभिक जानकारी प्राप्त की। इसके बाद दोनों पक्षों के आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई।

पुलिस जांच के दौरान दोनों पक्षों के पास मौजूद लाइसेंसी हथियारों की भी जांच की गई। थाना अध्यक्ष रामचंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जांच के क्रम में दोनों लाइसेंसी रायफल और उनसे संबंधित कारतूस जब्त कर लिए गए हैं। इन हथियारों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के दौरान इनका उपयोग किस प्रकार हुआ और क्या वास्तव में गोली चलाई गई थी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी एक पक्ष के दावों को सही या गलत नहीं माना जा सकता। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। यदि जांच के दौरान फायरिंग की पुष्टि होती है तो उससे संबंधित कानूनी धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।

जांच टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जाएगा, जिसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद बलुआचक गांव में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई थी। हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

पुलिस का कहना है कि जमीन से जुड़े विवाद अक्सर हिंसक घटनाओं का कारण बनते हैं। ऐसे मामलों में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय न्यायालय और प्रशासनिक प्रक्रिया का सहारा लेना चाहिए। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को भी शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की सलाह दी है।

फिलहाल जगदीशपुर थाना पुलिस दोनों आवेदनों के आधार पर सभी तथ्यों की गहन जांच कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जो भी व्यक्ति जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं गांव में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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