नवगछिया में कोसी की लहरों से मिला लापता युवती का शव: शरीर पर चोट के गहरे निशान देख हत्या की आशंका, पांच दिनों से जारी था सस्पेंस

नवगछिया (भागलपुर)। पुलिस जिला नवगछिया के नदी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पिछले पांच दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता हुई 18 वर्षीय आस्मीन खातून का अंत बेहद दर्दनाक और संदेहास्पद रहा। सोमवार, 13 अप्रैल 2026 की सुबह रंगरा थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर वैसी के पास कोसी नदी की लहरों ने एक लाश उगल दी, जिसकी पहचान लोकमानपुर निवासी शेख तैयब की पुत्री आस्मीन के रूप में हुई। युवती का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आस्मीन के शरीर पर, विशेषकर उसकी पीठ और पैरों पर चोट के गहरे और काले निशान मिले हैं। इन निशानों को देखकर पहली नजर में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उसे मौत के घाट उतारने से पहले बेरहमी से पीटा गया था। हालांकि, पुलिस अभी किसी भी आधिकारिक निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। नदी और कोसी के कछारों में बसी इस शांत बस्ती के लिए यह घटना किसी डरावने सपने जैसी है, जिसने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते अपराधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

9 अप्रैल की वह काली रात: भोजन खिलाया और फिर गायब हो गई आस्मीन

​इस दुखद कहानी की शुरुआत 9 अप्रैल 2026 की रात से होती है। आस्मीन के पिता शेख तैयब ने नम आँखों से बताया कि उस रात सब कुछ सामान्य था। आस्मीन ने रोज की तरह घर के सभी सदस्यों को बड़े प्यार से खाना खिलाया। रात के करीब आठ बजे थे जब वह अचानक घर से कहीं गायब हो गई। परिजनों ने सोचा कि शायद वह आसपास ही कहीं होगी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो पूरे परिवार के हाथ-पांव फूल गए।

​परिजनों ने अगले दो दिनों तक अपने स्तर पर हर संभावित जगह—रिश्तेदारों के घर, सहेलियों के पास और आसपास के गांवों में—आस्मीन की तलाश की, लेकिन नतीजा सिफर रहा। आखिरकार, थक-हारकर पिता ने 12 अप्रैल को नदी थाना में अपनी बेटी की गुमशुदगी की लिखित शिकायत दर्ज कराई। लेकिन किसे पता था कि शिकायत दर्ज होने के अगले ही दिन आस्मीन की मौत की खबर घर की दहलीज पर दस्तक देगी।

नदी में मिला शव: बुआ के कपड़ों की शिनाख्त ने तोड़ी उम्मीदें

​सोमवार की सुबह जहांगीरपुर वैसी के पास नदी किनारे कुछ लोगों ने एक शव को पानी में उतराते हुए देखा। देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैल गई। संयोगवश, आस्मीन की बुआ उसी इलाके (वैसी) में रहती हैं। जैसे ही उन्हें कोसी में शव मिलने की सूचना मिली, वे मौके पर पहुँचीं। उन्होंने देखा कि युवती के कपड़े ठीक वैसे ही थे जैसे आस्मीन ने गायब होने वाले दिन पहने थे। बुआ ने तुरंत अपने भाई शेख तैयब को फोन किया और खबर दी।

​जैसे ही शेख तैयब और अन्य ग्रामीण रंगरा थाना के जहांगीरपुर वैसी पहुँचे, वहां का नजारा देखकर उनकी चीख निकल गई। नदी की धार में फंसी हुई वह लाश उनकी लाडली आस्मीन की ही थी। जिस बेटी की वापसी की दुआएं मांगी जा रही थीं, उसका निर्जीव शरीर अब कोसी के किनारे रेत पर पड़ा था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है।

चोट के निशान और हत्या की आशंका: क्या हुआ था आस्मीन के साथ?

​आस्मीन के शव की जो तस्वीरें और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सामने आ रहे हैं, वे काफी विचलित करने वाले हैं। शव को नदी से बाहर निकालने पर देखा गया कि उसकी पीठ और पैरों पर कई जगह चोट के गंभीर निशान थे। ये निशान साधारण नहीं थे; देखने से ऐसा लग रहा था कि किसी कुंद हथियार या लाठी-डंडों से उस पर हमला किया गया है। स्थानीय लोगों और परिजनों के मन में यह आशंका गहरा गई है कि यह केवल डूबने का मामला नहीं है।

​अटकलें लगाई जा रही हैं कि 9 अप्रैल की रात अपहरण के बाद आस्मीन को कहीं बंधक बनाया गया होगा, वहां उसकी जमकर पिटाई की गई और फिर साक्ष्य मिटाने की नीयत से उसे कोसी नदी में फेंक दिया गया होगा। हालांकि, परिजनों ने अभी तक किसी व्यक्ति विशेष पर दुश्मनी या हत्या का सीधा आरोप नहीं लगाया है, लेकिन वे पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। शव की हालत यह चीख-चीख कर कह रही है कि आस्मीन ने अपनी मौत से पहले बहुत प्रताड़ना झेली होगी।

पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम का इंतजार

​शव मिलने की सूचना मिलते ही नदी थानाध्यक्ष केशव चंद और रंगरा थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर बिश्वंबधु दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया और पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती मौत की गुत्थी सुलझाना है।

​नदी थानाध्यक्ष केशव चंद ने प्रारंभिक तौर पर कहा कि शव देखने में ऐसा लग रहा है जैसे मौत डूबने से हुई हो, लेकिन उन्होंने शरीर पर मौजूद चोट के निशानों को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत की असली वजह और समय का पता केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चल सकेगा। पुलिस ने शव को सोमवार देर रात अनुमंडल अस्पताल, नवगछिया भेज दिया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम इसका परीक्षण करेगी। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जा सकती है ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी विवाद से बचा जा सके।

नदी थाना और रंगरा थाना के बीच समन्वय की चुनौती

​चूंकि मामला दो थानों (नदी और रंगरा) की सीमाओं के बीच का है, इसलिए दोनों थानों की पुलिस इस केस को गंभीरता से ले रही है। आस्मीन लोकमानपुर (नदी थाना) की रहने वाली थी और उसका शव जहांगीरपुर वैसी (रंगरा थाना) में मिला। पुलिस अब आस्मीन के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगालने की योजना बना रही है ताकि यह पता चल सके कि 9 अप्रैल की रात वह किसके संपर्क में थी और गायब होने से पहले उसकी अंतिम बातचीत किससे हुई थी।

​नवगछिया के ग्रामीण इलाकों में कोसी नदी अक्सर अपराधियों के लिए लाश छिपाने का जरिया बनती रही है। पुलिस के लिए यह केस सुलझाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि 9 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच के उन तीन दिनों का कोई रिकॉर्ड नहीं है कि आस्मीन कहाँ थी। क्या वह खुद घर से निकली थी या उसे किसी बहाने से बुलाया गया था, यह जांच का मुख्य केंद्र होगा।

समाज और सुरक्षा पर उठते सवाल

​नवगछिया के सुदूर क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाएं चिंता का विषय हैं। आस्मीन खातून जैसी युवा लड़कियों का इस तरह गायब होना और फिर नदी में उनकी लाश मिलना एक भयावह पैटर्न की ओर इशारा करता है। गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस को रात के समय गश्त बढ़ानी चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।

​शेख तैयब की आँखों के आँसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी बहुत ही सरल स्वभाव की थी और घर के कामों में हाथ बंटाती थी। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। अब सवाल यह है कि अगर दुश्मनी नहीं थी, तो आस्मीन के शरीर पर वे जख्म कहाँ से आए? क्या वह किसी गिरोह का शिकार हुई या फिर इसके पीछे कोई घरेलू या आपसी रंजिश छिपी है? इन तमाम सवालों के जवाब अब नवगछिया पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट पर टिके हैं।

​नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में देर रात तक गहमागहमी बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अपराधी चाहे जो भी हों, उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। फिलहाल, लोकमानपुर गांव में तनावपूर्ण शांति है और लोग पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि आस्मीन को न्याय मिल सके।

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