​नवगछिया में आधी रात खूनी तांडव: घर में घुसकर 57 वर्षीय व्यक्ति की हत्या, दहशत में लतीपुर

भागलपुर/नवगछिया। सुशासन के दावों और पुलिसिया गश्ती की मुस्तैदी के बीच अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत खरीक थाना क्षेत्र के लतीपुर गांव में सोमवार की देर रात बेखौफ अपराधियों ने एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। यहाँ 57 वर्षीय प्रकाश मंडल की उनके अपने ही घर के भीतर घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिस वक्त यह वारदात हुई, पूरा परिवार गहरी नींद में था। अपराधियों की इस दुस्साहसिक कार्रवाई ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ उजाड़ दी हैं, बल्कि पूरे नवगछिया इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद से ही लतीपुर गांव में तनावपूर्ण सन्नाटा पसरा है, जो समय-समय पर परिजनों की चीखों से टूट रहा है। स्थानीय लोग पुलिस की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध हैं और जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

आधी रात का खौफ: जब नींद में सोए व्यक्ति पर बरसीं गोलियां

​लतीपुर गांव में सोमवार की रात अन्य दिनों की तरह ही शांत थी। प्रकाश मंडल का परिवार रात का खाना खाने के बाद अपने घर में चैन की नींद सो रहा था। रात के करीब 12 बज रहे थे, जब सन्नाटे को चीरते हुए कुछ अज्ञात अपराधी घर की दीवार फांदकर या किसी गुप्त रास्ते से भीतर दाखिल हुए। अपराधियों का निशाना सीधा था और उनकी मंशा साफ थी। उन्होंने सो रहे प्रकाश मंडल को निशाने पर लिया और उन पर गोली चला दी।

​गोली की आवाज सुनकर जब तक परिवार के अन्य सदस्य कुछ समझ पाते या प्रतिक्रिया देते, अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। गोली प्रकाश मंडल के शरीर के नाजुक हिस्से में लगी थी, जिसके कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके छोटे भाई विकास मंडल ने बताया कि सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घर के भीतर हुई इस हत्या ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी अब सड़कों के बजाय लोगों के निजी शयनकक्षों तक पहुँचने में भी हिचकिचा नहीं रहे हैं।

परिजनों का विलाप और पुरानी रंजिश का साया

​प्रकाश मंडल की मौत के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है। वे अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव की महिलाएं पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटी हैं। प्रकाश मंडल के भाई विकास मंडल के अनुसार, यह हत्या अचानक किया गया कोई अपराध नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश की बू आ रही है।

​परिजनों ने पुलिस को दिए अपने प्रारंभिक बयान में बताया है कि करीब एक साल पहले किसी बात को लेकर गांव के ही कुछ तत्वों या बाहरी लोगों के साथ विवाद हुआ था। उस समय तो मामला शांत हो गया था, लेकिन परिजनों को आशंका है कि उसी पुरानी रंजिश को पालते हुए अपराधियों ने इस खौफनाक मंजर को अंजाम दिया है। हालांकि, रंजिश किसके साथ थी और वे कौन लोग थे, इसका खुलासा पुलिस अनुसंधान के बाद ही हो पाएगा। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस ने पुराने विवाद के समय ही कड़ी कार्रवाई की होती, तो शायद आज प्रकाश मंडल जीवित होते।

पुलिस की कार्रवाई और अनुसंधान के कड़े रुख

​वारदात की सूचना मिलते ही खरीक थाना की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से साक्ष्य जुटाने की कोशिश की। शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की है ताकि अपराधियों के भागने की दिशा और उनकी संख्या का पता लगाया जा सके।

​नवगछिया पुलिस के वरीय अधिकारियों ने बताया कि हत्या के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई है जो संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों के नेटवर्क का भी सहारा ले रही है ताकि अपराधियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है, चाहे वह पुरानी रंजिश हो या कोई नया विवाद। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द अपराधी सलाखों के पीछे होंगे।

सुरक्षा पर सवाल और ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश

​लतीपुर की इस घटना ने नवगछिया पुलिस जिला की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की गश्ती केवल मुख्य सड़कों तक सीमित रहती है, जबकि गांवों के भीतर अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। घर में घुसकर हत्या करना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का जरा भी खौफ नहीं रह गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनके क्षेत्र में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।

​मंगलवार की सुबह गांव में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना है कि जब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे चैन से नहीं बैठेंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना की निंदा की है और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के साथ-साथ दोषियों को स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा दिलाने की मांग की है। नवगछिया का यह इलाका पहले भी आपराधिक घटनाओं के लिए चर्चा में रहा है, लेकिन घर के भीतर इस तरह की वारदात ने लोगों के मन में घर के अंदर भी असुरक्षा की भावना भर दी है।

फॉरेंसिक जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य की उम्मीद

​पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में फॉरेंसिक टीम की भी मदद ली जा सकती है। चूंकि अपराधी घर के भीतर घुसे थे, इसलिए उम्मीद है कि उन्होंने कहीं न कहीं अपनी मौजूदगी के निशान छोड़े होंगे। फिंगरप्रिंट्स और पैरों के निशान अपराधियों तक पहुँचने में बड़ी कड़ी साबित हो सकते हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या गांव में लगे किसी निजी या सार्वजनिक सीसीटीवी कैमरे में अपराधियों की कोई हरकत कैद हुई है।

​अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होगी। लेकिन गांव में पसरा तनाव फिलहाल कम होता नजर नहीं आ रहा है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त बल की तैनाती की है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या गुटीय हिंसा को रोका जा सके। प्रकाश मंडल की हत्या ने लतीपुर के सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित किया है, जहाँ अब लोग एक-दूसरे को शक की निगाह से देखने लगे हैं।

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