समीक्षा भवन में डिजिटल क्रांति का नया केंद्र: जिलाधिकारी ने किया BISWAN कार्यालय का निरीक्षण; जल्द शुरू होंगे हाई-टेक वीसी रूम

भागलपुर। बिहार के प्रशासनिक ढांचे को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और जिलों की राजधानी पटना से कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में भागलपुर में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘समीक्षा भवन’ के ऊपरी तल पर चल रहे निर्माण कार्यों का सघन निरीक्षण किया। यह निरीक्षण विशेष रूप से ‘स्वान’ (Bihar State Wide Area Network – BISWAN) के नए कार्यालय और अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) रूम के निर्माण को लेकर था। जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर एक-एक बारीकी का जायजा लिया और कार्य की गति पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का कड़ा निर्देश दिया। समीक्षा भवन का ऊपरी तल अब केवल एक सरकारी इमारत का हिस्सा नहीं, बल्कि भागलपुर की प्रशासनिक संचार व्यवस्था का ‘नर्व सेंटर’ बनने जा रहा है। जिलाधिकारी के इस दौरे ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन अब तकनीक और त्वरित संवाद को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक बैठकें बिना किसी तकनीकी बाधा के संपन्न हो सकें।

निर्माण कार्य अंतिम चरण में: टाइल्स और सीलिंग का काम तेज

​जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी जब समीक्षा भवन की ऊपरी मंजिल पर पहुँचे, तो वहां निर्माण की सरगर्मी तेज थी। वर्तमान में कार्यालय का ढांचा पूरी तरह तैयार हो चुका है और फिनिशिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर बिछाई जा रही टाइल्स की गुणवत्ता और फॉल्स सीलिंग के डिजाइन का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि सौंदर्यीकरण के साथ-साथ तकनीकी जरूरतों का भी पूरा ख्याल रखा जाए।

​निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि BISWAN कार्यालय के लिए आवंटित स्थान को आधुनिक कॉर्पोरेट ऑफिस की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। टाइल्स और सीलिंग का कार्य अगले कुछ दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यह केंद्र भविष्य में जिले की महत्वपूर्ण गोपनीय और उच्च स्तरीय बैठकों का गवाह बनेगा। उन्होंने अभियंता को निर्देश दिया कि बिजली की वायरिंग और डेटा केबल्स का जाल इस तरह व्यवस्थित हो कि भविष्य में मेंटेनेंस में कोई समस्या न आए।

अत्याधुनिक वीसी रूम: पटना से पंचायतों तक सीधा संवाद

​इस नए निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वहां बनाए जा रहे दो विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) रूम हैं। जिलाधिकारी ने इन कमरों की योजना और वहां लगने वाले उपकरणों के लिए निर्धारित स्थानों का जायजा लिया। ऊपरी तल पर दो तरह के वीसी रूम विकसित किए जा रहे हैं:

  1. BISWAN समर्पित वीसी रूम: यह विशेष रूप से तकनीकी नेटवर्क और राज्य स्तरीय बैठकों के लिए होगा।
  2. सामान्य वीसी रूम: इसका उपयोग जिला स्तरीय बैठकों और विभिन्न विभागों की समीक्षा के लिए किया जाएगा।

​इन वीसी रूम के चालू हो जाने के बाद भागलपुर जिला प्रशासन को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में कई बार नेटवर्क की समस्या या स्थान की कमी के कारण बैठकों में व्यवधान आता है, लेकिन नए इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। ये कमरे हाई-स्पीड इंटरनेट और आधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम से लैस होंगे, जिससे मुख्यमंत्री कार्यालय या मुख्य सचिव के साथ होने वाली बैठकों में भागलपुर अपनी बात और डेटा अधिक स्पष्टता के साथ रख पाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन कमरों का एकॉस्टिक्स (ध्वनि नियंत्रण) ऐसा होना चाहिए कि बाहर का शोर बैठकों में बाधा न बने।

BISWAN की भूमिका: बिहार का डिजिटल राजमार्ग

​समीक्षा भवन में बन रहा यह कार्यालय मुख्य रूप से ‘बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क’ (BISWAN) के लिए है। सरल शब्दों में कहें तो यह बिहार सरकार का अपना ‘डिजिटल राजमार्ग’ है, जो सचिवालय को जिला मुख्यालयों और अनुमंडल मुख्यालयों से जोड़ता है। निरीक्षण के दौरान BISWAN के एल-वन अधिकारी नीतीश कुमार भी उपस्थित थे, जिन्हें जिलाधिकारी ने तकनीकी पहलुओं पर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

​BISWAN के माध्यम से ही ई-डिस्ट्रिक्ट, ई-राजस्व और अन्य ऑनलाइन सेवाओं का डेटा ट्रांसफर होता है। भागलपुर में इसके नए और सुव्यवस्थित कार्यालय के बन जाने से जिले के तकनीकी नेटवर्क की स्थिरता बढ़ेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल युग में प्रशासन की गति तभी तेज हो सकती है जब नेटवर्क का बैकबोन मजबूत हो। नए कार्यालय में सर्वर रूम और टेक्निकल टीम के बैठने की विशेष व्यवस्था की जा रही है, जिससे किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत रिस्पॉन्स दिया जा सकेगा।

भवन प्रमंडल को अल्टीमेटम: ‘यथाशीघ्र’ पूरा करें कार्य

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी का रुख कार्य के प्रति काफी गंभीर दिखा। उन्होंने कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल को साफ शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य में अब और देरी की गुंजाइश नहीं है। चूंकि कार्य अंतिम चरण में है, इसलिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर इसे फिनिशिंग टच दिया जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अगले निरीक्षण से पहले वीसी रूम चालू करने की स्थिति में होने चाहिए।

​उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कार्यालय परिसर में फर्नीचर और लाइटिंग का काम भी समानांतर रूप से शुरू किया जाए ताकि सिविल वर्क पूरा होते ही ऑफिस फंक्शनल हो सके। जिलाधिकारी का मानना है कि सरकारी परियोजनाओं में अक्सर ‘फिनिशिंग’ के दौरान समय ज्यादा बर्बाद होता है, जिसे इस बार टालना होगा। उन्होंने संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता को भी निर्देश दिया कि वे इस कार्य की प्रगति की निरंतर रिपोर्ट लेते रहें और यह सुनिश्चित करें कि विभाग के बीच समन्वय बना रहे।

प्रशासनिक दक्षता और जनसंपर्क का तालमेल

​समीक्षा भवन के ऊपरी तल का यह नया स्वरूप भागलपुर प्रशासन की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता की उपस्थिति यह दर्शाती है कि इस केंद्र का उपयोग केवल बैठकों के लिए नहीं, बल्कि सूचनाओं के त्वरित प्रसार और मीडिया समन्वय के लिए भी किया जा सकता है। डिजिटल वीसी रूम के माध्यम से अब प्रेस ब्रीफिंग और महत्वपूर्ण घोषणाओं का सीधा प्रसारण या रिमोट कवरेज भी संभव हो सकेगा।

​जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान परिसर की सफाई और सुरक्षा पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि समीक्षा भवन जिले की गरिमा का प्रतीक है, इसलिए इसका हर हिस्सा व्यवस्थित और आधुनिक दिखना चाहिए। ऊपरी तल पर बन रहे इन कार्यालयों के कारण अब प्रशासनिक अधिकारियों को एक ही छत के नीचे तकनीकी और नीतिगत चर्चाओं के लिए पर्याप्त स्थान मिल सकेगा।

निष्कर्ष: डिजिटल भागलपुर की नई उड़ान

​21 अप्रैल 2026 को किया गया यह निरीक्षण भागलपुर को ‘स्मार्ट सिटी’ और ‘डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन’ की श्रेणी में एक कदम और आगे ले जाता है। जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी की सक्रियता और निर्माण कार्यों में उनकी व्यक्तिगत रुचि यह सुनिश्चित करती है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग गुणवत्ता के साथ हो रहा है। BISWAN कार्यालय और नए वीसी रूम केवल ईंट-पत्थर के ढांचे नहीं हैं, बल्कि ये सुशासन के वे उपकरण हैं जो जनता और सरकार के बीच की दूरी को तकनीक के जरिए कम करेंगे।

​जब यह केंद्र पूरी तरह चालू हो जाएगा, तो भागलपुर के विकास कार्यों की समीक्षा केवल भौतिक रूप से ही नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यम से भी अधिक सटीक और पारदर्शी तरीके से हो सकेगी। भवन प्रमंडल के लिए अब चुनौती यह है कि वे जिलाधिकारी के ‘यथाशीघ्र’ वाले निर्देश को कितनी जल्दी धरातल पर उतारते हैं। आने वाले कुछ सप्ताह भागलपुर के प्रशासनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अत्यंत निर्णायक होने वाले हैं।

  • ये भी पढ़े..

    वैभव सूर्यवंशी की सफलता और भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत से बढ़ा क्रिकेट का क्रेज, पटना से गांवों तक अकादमियों में लड़कियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

    Share Add as a preferred…

    पाटलिपुत्र कांड के बाद रेलवे अलर्ट! मुजफ्फरपुर जंक्शन पर हाई सिक्योरिटी, परीक्षार्थियों के लिए चलीं 2 स्पेशल ट्रेनें

    Share Add as a preferred…