​नशेड़ी पति ने सिलबट्टे से पत्नी की हत्या की

बेन/नालंदा। बिहार के नालंदा जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों और वैवाहिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। बेन थाना क्षेत्र के गड़ेरिया-बेलदारीपर गांव में खुशियों की आहट और शहनाइयों की गूँज एक पल में मातम और चीख-पुकार में बदल गई। जिस घर में महज चार दिन बाद बेटी की शादी की रौनक होनी थी, वहां एक सनकी और नशेड़ी पति ने अपनी ही पत्नी की जघन्य हत्या कर दी। गांजे के नशे में धुत्त लालू चौहान ने घरेलू विवाद के बीच आपा खो दिया और रसोई में रखे पत्थर के भारी सिलबट्टे से अपनी पत्नी सुमंती देवी के सिर और छाती पर प्रहार कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। यह घटना केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह नशे की उस लत का परिणाम है जो न केवल इंसान के विवेक को खत्म कर देती है, बल्कि हंसते-खेलते परिवारों को भी उजाड़ देती है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे पति को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन गांव में पसरा सन्नाटा और मासूम बच्चों की बेबसी समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

शादी वाले घर में मातम: शहनाइयों से पहले उठी अर्थी

​गड़ेरिया-बेलदारीपर गांव निवासी लालू चौहान के घर में इन दिनों उत्सव का माहौल था। आगामी 25 अप्रैल को लालू की बहन की शादी होनी तय थी। घर में मेहमानों का आना-जाना शुरू हो चुका था और शादी की तैयारियां अपने चरम पर थीं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रविवार की देर शाम, जब पूरा गांव शाम की आरती और शांति में डूबा था, लालू के घर से विवाद की आवाजें आने लगीं। 35 वर्षीया सुमंती देवी, जो दो बच्चों की मां थीं, वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गांव के ही एक मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए गई थीं। मंदिर से लौटते समय उनके मन में शायद वही खुशियाँ और मंगल कामनाएं थीं जो एक गृहणी के मन में घर के शुभ कार्यों के लिए होती हैं। लेकिन जैसे ही वे घर की चौखट पर पहुँचीं, नशे में धुत्त लालू चौहान ने उन पर गालियों की बौछार कर दी।

​शुरुआत मामूली कहासुनी से हुई थी, लेकिन लालू का गुस्सा गांजे के नशे के कारण उन्माद में बदल चुका था। उसने बिना सोचे-समझे घर में रखे घरेलू उपकरणों से सुमंती पर हमला करना शुरू कर दिया। सुमंती ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया, लेकिन लालू पर मानो हैवानियत सवार थी। शादी की तैयारी वाले उस आंगन में जहाँ मंगल गीत गाए जाने थे, वहां अब एक महिला की जान बचाने की गुहार गूँज रही थी।

पड़ोस के घर में भी नहीं मिली पनाह: हैवानियत की इंतहा

​इस खौफनाक मंजर का सबसे विचलित करने वाला हिस्सा वह था जब सुमंती देवी अपनी जान बचाने के लिए घर से भागकर पड़ोस के एक मकान में जाकर छिप गईं। उन्हें उम्मीद थी कि शायद बाहरी लोगों के हस्तक्षेप या छिप जाने से लालू का गुस्सा शांत हो जाएगा। लेकिन लालू चौहान के सिर पर खून सवार था। वह अपनी पत्नी का पीछा करते हुए पड़ोस के घर में घुस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लालू ने सुमंती को उनके बालों से पकड़कर घसीटा और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

​चोटों के कारण सुमंती बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं, लेकिन लालू का मन इतने से भी नहीं भरा। उसने रसोई में मसाला पीसने के काम आने वाले भारी पत्थर के सिलबट्टे को उठाया और अचेत पड़ी सुमंती के सीने पर बैठ गया। इसके बाद उसने एक के बाद एक कई वार सुमंती के सिर और छाती पर किए। पत्थर के उस प्रहार ने सुमंती की हड्डियों को चकनाचूर कर दिया और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गांव के लोग इस मंजर को देखकर स्तब्ध रह गए; किसी की हिम्मत नहीं हुई कि उस समय लालू के सामने जाकर उसे रोक सके।

मासूम बेटे की गवाही: पापा ने मां को मार डाला

​इस पूरी घटना का सबसे दर्दनाक पहलू 11 वर्षीय मासूम बेटे कृश का बयान है। अपनी मां को अपनी आंखों के सामने दम तोड़ते देखने वाले कृश की स्थिति अब बदहवास है। कृश ने पुलिस को बताया कि परिवार के अन्य सदस्य मंदिर गए हुए थे और मां भी उनके साथ ही पूजा करने गई थी। रविवार की शाम जब मां घर लौटी, तो पापा (लालू चौहान) पहले से ही गुस्से में थे और आते ही मां को भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे।

​कृश के अनुसार, उसने अपने पिता को रोकने की कोशिश की, लेकिन लालू ने उसे धक्का देकर हटा दिया। मासूम बच्चे ने अपनी मां को तड़पते और फिर मरते हुए देखा। कृश के शब्द पुलिस और ग्रामीणों के दिल को छलनी कर रहे थे। एक बच्चा, जिसके लिए उसके पिता रक्षक होने चाहिए थे, आज उसी ने उसे अपनी मां का कातिल बनते देखा। इस घटना ने कृश और उसके भाई के भविष्य पर अंधेरा छा दिया है। अब उनके सिर से मां की ममता का साया उठ गया है और पिता जेल की सलाखों के पीछे है।

गांजे की लत और समाज की खामोशी

​ग्रामीणों ने बताया कि लालू चौहान कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह लंबे समय से गांजे के नशे का आदी है। गांव के लोग उसे ‘सनकी’ बुलाते थे क्योंकि वह अक्सर नशे में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता रहता था। सुमंती देवी ने कई बार स्थानीय स्तर पर और समाज के सामने अपनी प्रताड़ना की बात रखी थी, लेकिन ‘पारिवारिक मामला’ समझकर अक्सर लोग हस्तक्षेप करने से बचते रहे।

​यही सामाजिक खामोशी अंततः एक महिला की मौत का कारण बनी। नशे की लत ने लालू के भीतर की मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह खत्म कर दिया था। गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों में किस कदर परिवारों को तबाह कर रही है, बेन की यह घटना उसका एक ज्वलंत उदाहरण है। यदि समय रहते लालू की आदतों पर लगाम लगाई गई होती या उसे नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया गया होता, तो शायद आज एक मां की जान बच जाती और एक घर की खुशियाँ मातम में न बदलतीं।

पुलिस की कार्रवाई और बेन थानाध्यक्ष का रुख

​वारदात की सूचना मिलते ही बेन थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और लहूलुहान हालत में पड़ी सुमंती देवी के शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने बिना समय गंवाए आरोपी लालू चौहान को गांव से ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय भी लालू के चेहरे पर अपनी पत्नी की हत्या का कोई मलाल नहीं दिख रहा था, जो उसके मानसिक असंतुलन और नशे के गहरे प्रभाव को दर्शाता है।

​पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। बेन थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि हत्या का मुख्य कारण घरेलू विवाद और पति का नशेड़ी होना है। पुलिस ने कृश और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। आरोपी के खिलाफ हत्या की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में किसी और की उकसाहट थी या लालू ने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।

खत्म हो गई खुशियाँ: 25 अप्रैल को नहीं गूँजेगी शहनाई

​लालू की बहन की शादी को लेकर घर में जो उत्साह था, वह अब हमेशा के लिए खत्म हो गया है। 25 अप्रैल को होने वाली शादी अब टल गई है और घर में खुशियों के सामान की जगह अब पुलिस और अदालती कार्यवाही की फाइलें हैं। मेहमान जो शादी में खुशियाँ बांटने आए थे, वे अब मासूम बच्चों को ढांढस बंधा रहे हैं। यह घटना एक कड़ा सबक है कि घरेलू हिंसा और नशे को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

​नालंदा जिले के इस शांत गांव में हुई इस घटना ने पूरे प्रखंड में सनसनी फैला दी है। लोग डरे हुए हैं और इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर कैसे एक व्यक्ति इतना क्रूर हो सकता है कि वह उस महिला की जान ले ले जो उसके घर की लक्ष्मी थी। सुमंती देवी का जाना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अब कानून का काम है कि वह लालू चौहान जैसे अपराधियों को ऐसी सख्त सजा दे जो भविष्य में किसी भी ‘सनकी’ पति के लिए एक नजीर बन सके। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों और चोटों की गंभीरता को अदालत के सामने मजबूती से रखा जा सके।

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