मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां दो दिन से लापता शिक्षक की हत्या कर शव को फेंकने का मामला प्रकाश में आया है। मृतक की पहचान 42 वर्षीय गुड्डू लाल ठाकुर के रूप में हुई है, जो राजकीय मध्य विद्यालय, मनाईंन में पदस्थापित थे और दरिया छपरा (साहेबगंज थाना क्षेत्र) के निवासी थे।
2 जुलाई की रात से थे लापता
परिजनों के अनुसार, 2 जुलाई की रात करीब 10 बजे गुड्डू लाल ठाकुर खाना खाने के बाद टहलने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी देर इंतजार के बाद खोजबीन शुरू की गई, मगर कोई सुराग नहीं मिला।
चौर से बरामद हुआ शव
4 जुलाई की सुबह, सेमरा नियामत पंचायत स्थित चिकना चौर में उनका शव पड़ा मिला। इससे पहले 3 जुलाई की रात, उसी क्षेत्र में गमछा, जूता और प्लास्टिक डिब्बा मिलने से अनहोनी की आशंका गहराई थी। सुबह जब ग्रामीणों ने शव देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया।
प्रथम दृष्टया हत्या की पुष्टि
सूचना मिलते ही साहेबगंज थाना अध्यक्ष सिकंदर कुमार एवं एसआई पुनीत कुमार मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष ने कहा:
“प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। जांच को लेकर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है।”
अपहरण के बाद हत्या की आशंका
स्थानीय मुखिया पति उदय भगत सहित कई ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि शिक्षक को पहले अगवा किया गया, फिर उनकी हत्या कर शव को सुनसान चौर में फेंक दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक एक शांत और लोकप्रिय व्यक्ति थे, जिनकी किसी से दुश्मनी की कोई जानकारी नहीं है।
इलाके में आक्रोश और मातम
शिक्षक की हत्या से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने घटना की सीबीआई या एसआईटी जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
नोट: यह घटना राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच कितनी तेजी और पारदर्शिता से आगे बढ़ती है।


