मुजफ्फरपुर में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों की निजी और संवेदनशील जानकारी विदेशी साइबर अपराधियों को बेचने में संलिप्त था।

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में और भी कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। आरोपी अत्याधुनिक तकनीक, फर्जी API और Telegram बॉट्स का इस्तेमाल कर लोगों की गोपनीय जानकारी तक अवैध पहुंच बनाते थे।

वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि अहियापुर थाना क्षेत्र का ऋषभ कुमार अवैध तरीके से API बनाकर डेटा बेच रहा है। इसके बाद साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें बिहार एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई और साइबर थाना की टीम शामिल थी।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ कुमार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर तीन अन्य सहयोगियों को भी पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में ऋषभ कुमार (मुजफ्फरपुर), दीपक चौधरी उर्फ आशु कुमार (गाजीपुर, उत्तर प्रदेश), सुधांशु कुमार (दरभंगा) और साहिल कुमार (हथौड़ी, मुजफ्फरपुर) शामिल हैं।

जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड और टेलीग्राम बॉट्स के जरिए अवैध API तैयार करते थे, जिससे वे सरकारी और निजी डेटाबेस तक अनधिकृत पहुंच बनाते थे। उनके पास से बरामद मोबाइल और टैबलेट की जांच में पता चला कि वे मोबाइल नंबर, IMEI डिटेल्स, आधार और पैन कार्ड की जानकारी, वाहन रजिस्ट्रेशन तथा बैंक खातों से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं साझा करते थे।

पुलिस को आरोपियों के फोन से विदेशी साइबर गिरोहों के साथ चैटिंग के ठोस सबूत भी मिले हैं। साथ ही कई संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप और चैनल संचालित होने का खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी से जुड़े बैंक खातों में जमा करीब चार लाख रुपये को फ्रीज कर दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


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