मोतिहारी में लाइसेंसी हथियार की आड़ में चल रहा था अवैध कारतूस कारोबार, पुलिस ने बड़ी खेप के साथ आरोपी को दबोचा

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने अवैध कारतूस कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चौंकाने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र में लाइसेंसी हथियार की आड़ में अवैध रूप से कारतूस खरीद-बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं और एक लाइसेंसधारी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में हथियार लाइसेंसधारियों की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मुरारपुर पंचायत स्थित औरैया गांव में एक व्यक्ति लाइसेंसी हथियार की आड़ में अवैध कारतूस का कारोबार चला रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित रणनीति तैयार की और प्रखंड विकास पदाधिकारी की मौजूदगी में छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी मोहम्मद कलाम के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वहां से बड़ी संख्या में रायफल के कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा आरोपी के पास मौजूद लाइसेंसी हथियार को भी जब्त कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद कारतूसों की संख्या काफी अधिक है और शुरुआती जांच में मामला गंभीर प्रतीत हो रहा है।

पुलिस के अनुसार आरोपी अपने हथियार लाइसेंस का दुरुपयोग कर रहा था। लाइसेंस मिलने के बाद सीमित मात्रा में कारतूस रखने की अनुमति होती है, लेकिन आरोपी कथित तौर पर नियमों के विपरीत कारतूस की खरीद और सप्लाई में शामिल था। पुलिस को आशंका है कि यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था और इसके तार कई अन्य लोगों से भी जुड़े हो सकते हैं।

कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी को अंदाजा नहीं था कि लाइसेंसी हथियार रखने वाला व्यक्ति इस तरह के अवैध धंधे में शामिल हो सकता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी कारतूस कहां से मंगाता था और किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जाती थी।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी का संबंध अवैध हथियार और कारतूस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों से भी हो सकता है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद कारतूसों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कहीं इन कारतूसों का इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में तो नहीं हुआ था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी केवल स्टॉक जमा कर रहा था या फिर सक्रिय रूप से बिक्री भी कर रहा था।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जिले में हथियार लाइसेंसधारियों की जांच तेज कर दी गई है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट कहा है कि शस्त्र अनुज्ञप्ति के नियमों का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर जिले के सभी लाइसेंसधारियों के रिकॉर्ड की समीक्षा कराई जाएगी।

पुलिस अब यह भी सुनिश्चित करेगी कि जिन लोगों को हथियार लाइसेंस जारी किए गए हैं, वे निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। लाइसेंसधारियों के पास मौजूद कारतूसों का मिलान किया जाएगा और रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। यदि किसी के पास निर्धारित सीमा से अधिक गोलियां पाई जाती हैं, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसपी ने यह भी कहा कि जिन लाइसेंसधारियों का आपराधिक इतिहास रहा है, उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ऐसे लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन का मानना है कि कई बार लाइसेंसी हथियार की आड़ में अवैध कारोबार को अंजाम देने की कोशिश की जाती है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है।

बिहार में पिछले कुछ समय से अवैध हथियार और कारतूस कारोबार को लेकर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। राज्य के कई जिलों में छापेमारी कर हथियार, कारतूस और तस्करी से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन मोतिहारी में सामने आया यह मामला इसलिए ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें लाइसेंसधारी व्यक्ति का नाम सामने आया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंसी हथियार रखने वालों पर निगरानी बेहद जरूरी है, क्योंकि नियमों का दुरुपयोग सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। यदि लाइसेंसधारी ही अवैध कारोबार में शामिल पाए जाते हैं, तो इससे अपराधियों तक आसानी से हथियार और कारतूस पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

उधर स्थानीय प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में अवैध हथियार और कारतूस कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

इस घटना के बाद आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ी है। लोगों का कहना है कि अवैध हथियार और कारतूस का कारोबार समाज के लिए गंभीर खतरा है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कई लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते इस नेटवर्क का खुलासा होना जरूरी था।

फिलहाल पुलिस आरोपी मोहम्मद कलाम से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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