
नर्सिंग सेवाओं में बिहार की बेटियों का बढ़ता वर्चस्व
पटना, 13 मई 2025:अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर बिहार सरकार ने राज्य की 100 से अधिक नर्सों, एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) को उनके संवेदनशील, समर्पित और उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि नर्सिंग सेवाएं किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होती हैं, और बिहार की बेटियों ने इस क्षेत्र में अपनी निष्ठा और संवेदना से एक नया इतिहास रचा है।
सम्मान समारोह राजधानी पटना स्थित अधिवेशन भवन में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के सभी 38 जिलों से चयनित स्वास्थ्य कर्मियों को पदक, प्रशस्ति पत्र और दस हजार रुपये की राशि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव मनोज कुमार सिंह, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सुहर्ष भगत समेत स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने अपने संबोधन में कहा, “दस साल पहले तक बिहार के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग की जिम्मेदारी मुख्य रूप से दक्षिण भारत से आई युवतियों के कंधों पर थी। लेकिन अब राज्य की बेटियों ने नर्सिंग सेवा में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। आज बिहार की बेटियां देश-विदेश में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में राज्य का नाम रोशन कर रही हैं।”
उन्होंने बताया कि 10,700 नर्सों की नियुक्ति की प्रक्रिया अदालत में विचाराधीन है, और जैसे ही कानूनी मंजूरी मिलेगी, इसे पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 3600 जीएनएम पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी।
नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे में सुधार
मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि एक समय था जब बिहार में नर्सिंग की पढ़ाई के लिए पर्याप्त संस्थान नहीं थे, लेकिन अब राज्य में नर्सिंग स्कूलों का जाल बिछ चुका है। एमएससी नर्सिंग की पढ़ाई भी राज्य में शुरू हो चुकी है, जिससे अब योग्य शिक्षकों की भी कमी नहीं रहेगी।
उन्होंने मिशन उन्नयन की सफलता की चर्चा करते हुए कहा कि “अब राज्य के अस्पतालों में न केवल डॉक्टर और नर्स हैं, बल्कि मरीजों के लिए आवश्यक दवाएं और उपकरण भी उपलब्ध हैं।”
कोरोना काल में सेवा का उदाहरण
मंगल पांडेय ने कोरोना महामारी के दौरान नर्सों की भूमिका को याद करते हुए कहा कि “बिहार की नर्सों ने जिस जज्बे और सेवा भाव से काम किया, वह मानवता के लिए मिसाल है।”


