गरीब किसान की बेटी का कमाल, लालटेन की लाइट से पढ़कर बनी कास्टेबल, खुद से घर में करती थी पढ़ाई

मेरा नाम भारती साहू है। मैं पुलिस विभाग में दारोगा हूं। अब आप सोच रहे होंगे कि दारोगा बनना कौन से बड़ी बात है। सच कहा आपने, लेकिन मैं जिस परिवार से आता हूं उसमें सरकारी चपरासी बनना भी अपने आप में बड़ी बात है। खैर, जिस दिन मेरा रिजल्ट निकला था उस दिन मुझे खुद विश्वास नहीं हो रहा था कि मैंने सफलता का झंडा लहरा दिया है।

गोद क्षेत्र के जोजवा गांव की बेटी भारती साहू का उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 में चयन हुआ है। किसान परिवार में जन्मी बेटी के थानेदार बनने पर गांव में खुशी का माहौल है। मांडलगढ़ उपखंड में सम्भवतया पहली महिला थानेदार बनेगी। भारतीय ने गांव की स्कूल में पढ़ाई पूरी की। तीन बहनों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। दो माह तक घर पर जमकर पढ़ाई की। परिजनों ने हौसला बढ़ाया और घर के कामों से दूर रखा। पढ़ाई के लिए परिजन प्रेरित करते रहे।

उपनिरीक्षक में चयन का पता लगते ही भारती और परिजनों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भारती ने बतया कि उसने पुलिस में जाने का कभी नहीं सोचा था। पेशे से किसान पिता बंशीलाल साहू को बेटी की कामयाबी पर गर्व है। बंशीलाल के चार बेटियां व एक बेटा है। सभी बच्चे पढ़ाई में अव्वल हैं।

खेतीबाड़ी आमदानी का जरियाकिसान बंशीलाल ने बताया कि आठ बीघा खेत है। पारम्परिक खेती के साथ संतरे के बगीचा लगा रखा है। खेतीबाड़ी से परिवार का गुजारा चलता है। बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भी खेतीबाड़ी से ही उठाया।

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