
मुजफ्फरपुर: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने भ्रष्टाचार और अवैध खनन के मामलों पर बड़ा बयान देते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अवैध खनन से जुड़े मामलों की गहन जांच की जाए और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की संपत्ति की भी जांच कराई जाए।
समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और अवैध खनन के मामलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने जिलाधिकारी को विभिन्न स्तरों पर जांच कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अगली समीक्षा बैठक से पहले विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
“खनन पदाधिकारी की संपत्ति की भी होगी जांच”
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा अवैध खनन और विभागीय अनियमितताओं से संबंधित शिकायतें उठाई गईं। इस पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा,
“शिकायत आई है। माननीय विधायक लोगों ने भी शिकायत की है। हमने कहा कि जिला खनन पदाधिकारी की संपत्ति की भी जांच हो, जिससे पता चले कि वह कोई अवैध संपत्ति तो नहीं अर्जित कर रहे हैं।”
मंत्री के इस बयान के बाद खनन विभाग में हलचल तेज हो गई है।
विकास योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ली और सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इन विभागों पर रहा विशेष फोकस
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, पेयजल, बिजली, कृषि एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया।
इसके अलावा डुमरी-गोबरसही मुख्य सड़क की मरम्मत और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए कई मुद्दे
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने जिले की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इनमें गोबरसही में नाला निर्माण, शहर एवं अस्पतालों के गंदे पानी की निकासी, अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी, आंगनबाड़ी सेविकाओं की समस्याएं तथा पथ निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
भूमिहीन पर्चाधारी परिवारों ने लगाई गुहार
बैठक के दौरान जिले के 98 भूमिहीन पर्चाधारी परिवारों ने भी मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। परिवारों का कहना है कि उन्हें बिहार सरकार द्वारा सीलिंग एक्ट के तहत जमीन का पर्चा दिया गया था और वे वर्षों से उसी जमीन पर रहकर खेती-बाड़ी कर जीवनयापन कर रहे हैं।
परिवारों ने आरोप लगाया कि कुछ भू-माफिया जमीन पर कब्जा करने और उन्हें बेदखल करने की साजिश रच रहे हैं। साथ ही उनके पर्चे और जमाबंदी को रद्द कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस मामले पर संबंधित अधिकारियों ने कहा कि आवेदन प्राप्त हो चुका है और पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार गरीबों, भूमिहीनों और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


