केंद्रीय कृषि मंत्री संग बिहार के कृषि मंत्री मंगल पांडेय की बैठक, डबल इंजन की सरकार में बिहार के कृषि विभाग को समय पर मिली योजना राशि

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बिहार सरकार के कृषि मंत्री  मंगल पांडेय की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कृषि भवन में एक बैठक हुई। बैठक में किसान कल्याण हेतु कार्ययोजना एवं आगामी बजट पर चर्चा की गयी।

उसी क्रम में बिहार सरकार के कृषि मंत्री  मंगल पाण्डेय ने शिवराज सिंह चौहान को को धन्यवाद देते हुए कहा कि बिहार को अगले वित्तीय वर्ष में ससमय विभिन्न योजनाओं का आवंटन दे दिया गया है। इससे हम लोग इस वर्ष बेहतर योजना बना पाएंगे और समय पर क्रियान्वयन कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देषानुसार बिहार सरकार के पदाधिकारी भारत सरकार के पदाधिकारियों से समन्वय कर सभी योजनाओं का त्वरित कार्यान्वयन कर रहे हैं, इस कारण प्रदेश में भारत सरकार से प्राप्त सभी राशि का शत – प्रतिशत व्यय कर दिया गया है। पांडेय ने कहा कि राज्य में कृषि विज्ञान केंद्र को पहले के मुकाबले और सुदृढ़ करने की दिषा में प्रयास जारी है, ताकि किसानों को उनका लाभ बेहतर तरीके से मिल सके।

कृषि क्षेत्र का जीडीपी 20 फीसदी

बिहार की जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान पिछले वर्ष लगभग 20 प्रतिशत रहा है। केंद्र से मिल रही सहयोग के बाद आने वाले समय में बिहार की जीडीपी में कृषि का योगदान पहले के मुकाबले और बढ़ेगा। प्रधानमंत्री के मार्गदर्षन में कृषि एवं उसकी सहयोगी संस्थाओं का बहुमूल्य योगदान देष की जीडीपी को बढ़ाने में आगामी वर्ष भी जारी रहेगा।

भूमिहीन, छोटे व सीमांत किसानों की तरक्की

पांडेय ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के छोटे व सीमांत किसानों को सशक्त बनाने के लिए कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) को एक आंदोलन के रूप में विकसित करने की योजना है। वहीं छोटे किसानों को केंद्र की ओर से दी जा रही सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार बधाई के पात्र हैं। जब छोटे किसानों की आय बढ़ेगी तो वे विनिर्मित वस्‍तुओं की मांग करेंगे, जिससे विनिर्माण क्षेत्र में बदलाव आएगा। बिहार जैसे प्रदेश में भूमिहीन किसानों व छोटे सीमांत किसानों की आर्थिक तरक्की केंद्र व राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं से हो रही है।

बैठक में कृषि सचिव संजय अग्रवाल एवं प्रबंध निदेषक बिहार राज्य बीज निगम के आलोक रंजन घोष भी सम्मिलित थें।

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