
पटना: बिहार के छोटे कारोबारियों और दुकानदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने मिलकर बिजली उपभोक्ताओं के हित में बड़ा फैसला लिया है। अब छोटे दुकानदारों को बिजली बिल के फिक्स्ड चार्ज में कटौती का सीधा फायदा मिलेगा। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है।
फिक्स्ड चार्ज में 25% तक की कमी
नए नियम के तहत छोटे बिजली उपभोक्ताओं के फिक्स्ड चार्ज में लगभग 25 प्रतिशत की कमी की गई है। पहले 0.5 किलोवाट (KW) कनेक्शन पर दुकानदारों से हर महीने 200 रुपये फिक्स्ड चार्ज लिया जाता था, जिसे अब घटाकर 150 रुपये कर दिया गया है।
इस बदलाव से दुकानदारों को हर महीने 50 रुपये की बचत होगी, जो सालाना करीब 600 रुपये तक पहुंचती है।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
यह राहत मुख्य रूप से एनडीएस-II (NDS-II) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए है। इस श्रेणी में छोटे व्यवसाय जैसे पान की दुकान, चाय-नाश्ते की दुकान, छोटी किराना दुकान और अन्य सीमित लोड वाले कारोबार शामिल हैं।
बिजली विभाग के अनुसार:
- नॉर्थ बिहार में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या करीब 2595 है
- साउथ बिहार में लगभग 9458 उपभोक्ता इस श्रेणी में आते हैं
- आने वाले समय में यह संख्या 20 हजार के पार जाने की संभावना है
छोटे उद्योगों को भी राहत
सिर्फ दुकानदार ही नहीं, बल्कि छोटे उद्योगों को भी इस फैसले से फायदा मिलेगा।
- LTIS-1 श्रेणी में फिक्स्ड चार्ज 288 रुपये से घटाकर 278 रुपये किया गया है
- LTIS-2 श्रेणी में इसे 360 रुपये से घटाकर 350 रुपये प्रति माह कर दिया गया है
हालांकि यह कटौती सीमित है, लेकिन उद्योग संचालकों के लिए यह भी एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
क्यों लिया गया यह फैसला
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्ताव खुद बिजली कंपनियों की ओर से दिया गया था। बढ़ती लागत और महंगाई के दबाव को देखते हुए छोटे कारोबारियों को राहत देना जरूरी समझा गया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य:
- छोटे व्यवसायों को आर्थिक राहत देना
- स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना
- व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाना
लंबे समय में होगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही मासिक बचत छोटी दिखे, लेकिन लंबे समय में इसका असर काफी सकारात्मक होगा। इससे दुकानदार अपनी लागत कम कर सकेंगे और बचत को व्यवसाय में निवेश कर पाएंगे।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार और नियामक आयोग का यह कदम छोटे व्यापारियों के लिए राहत और प्रोत्साहन दोनों लेकर आया है। अगर भविष्य में ऐसे और फैसले लिए जाते हैं, तो राज्य में छोटे उद्योग और व्यापार को और मजबूती मिल सकती है।


