
पटना: बिहार में किराये के मकानों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि किरायेदार भी बिजली सब्सिडी योजना के पूर्ण हकदार हैं। यदि कोई मकान मालिक निर्धारित दर से अधिक बिजली शुल्क वसूलता है या सब्सिडी का लाभ रोकता है, तो ऊर्जा विभाग सीधे हस्तक्षेप करेगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री Shailesh Kumar उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर उपभोक्ता तक पहुंचना चाहिए, चाहे वह मकान मालिक हो या किरायेदार।
अधिक बिजली बिल वसूला तो होगी कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि कई जगहों से शिकायतें मिल रही हैं कि किरायेदारों से वास्तविक दर से ज्यादा बिजली शुल्क लिया जा रहा है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
अलग मीटर लगवाने की सलाह
ऊर्जा मंत्री ने किरायेदारों को सलाह दी कि वे अपना अलग बिजली मीटर लगवाएं, ताकि सीधे बिजली कंपनी से जुड़कर सब्सिडी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। यदि कोई मकान मालिक अलग मीटर लगाने में बाधा डालता है, तो उसकी शिकायत ऊर्जा विभाग या बिजली कंपनी से की जा सकती है।
हेल्पलाइन पर कर सकते हैं शिकायत
बिजली बिल, सब्सिडी या अतिरिक्त वसूली से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए किरायेदार बिजली कंपनियों की हेल्पलाइन और विभागीय शिकायत प्रणाली का सहारा ले सकते हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा।
बिजली कटौती पर भी सरकार का दावा
मंत्री ने कहा कि बिहार में फिलहाल व्यापक बिजली कटौती जैसी कोई समस्या नहीं है। यदि किसी इलाके से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायत मिलती है, तो विभाग तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
किरायेदारों के लिए क्या बदलेगा?
- बिजली सब्सिडी का लाभ किरायेदारों को भी मिलेगा।
- मनमाना बिजली बिल वसूलने वाले मकान मालिकों पर कार्रवाई हो सकती है।
- अलग मीटर लगवाने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।
- शिकायतों के समाधान के लिए विभागीय निगरानी बढ़ेगी।
सरकार के इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


