सांसद अजय मंडल के कार्यालय में चोरी का 48 घंटे में खुलासा, झारखंड से आरोपी गिरफ्तार; सरकारी पिस्टल और 35 गोलियां बरामद

भागलपुर: भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित सांसद अजय मंडल के कार्यालय में हुई सनसनीखेज चोरी की घटना का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने झारखंड के गोड्डा जिले से अमन कुमार झा नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी गया सरकारी हथियार, 35 राउंड गोलियां, सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर और अन्य सामान भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि चोरी में सरकारी पिस्टल और कारतूस भी शामिल थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई थी।

सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर) अजय चौधरी को सौंपा गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की।

जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। फुटेज के आधार पर दोनों की पहचान करने के लिए तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र का सहारा लिया गया। लगातार की गई जांच और इनपुट के आधार पर पुलिस झारखंड के गोड्डा जिले तक पहुंची, जहां से मुख्य आरोपी अमन कुमार झा को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।

पुलिस के अनुसार सांसद कार्यालय से चोरी के दौरान सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर, कंप्यूटर, सरकारी सुरक्षा गार्ड की पिस्टल और 35 राउंड गोलियां सहित कई अन्य सामान चोरी कर लिए गए थे। इन सामानों की बरामदगी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि सरकारी हथियार गलत हाथों में जाने से कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। हालांकि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए आरोपी के पास से सभी महत्वपूर्ण सामान सुरक्षित बरामद कर लिए।

बरामद सामान में सरकारी पिस्टल, 35 राउंड कारतूस, सीसीटीवी डीवीआर और चोरी किया गया अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल है। पुलिस ने बरामद सामान को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी सामान की पहचान और दस्तावेजों का मिलान भी किया जा रहा है।

सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले भी कई मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस चोरी में और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस को आशंका है कि घटना को अंजाम देने में आरोपी अकेला नहीं था और उसके कुछ सहयोगी भी इस वारदात में शामिल हो सकते हैं।

पुलिस अब फरार अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों और आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर संभावित ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जा सकती है।

सांसद कार्यालय में हुई चोरी की घटना ने प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए थे। खासकर सरकारी हथियार की चोरी ने पुलिस के लिए इस मामले को अत्यंत संवेदनशील बना दिया था। यही कारण रहा कि घटना सामने आने के तुरंत बाद पुलिस ने इसे प्राथमिकता में रखते हुए जांच शुरू की और कम समय में पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई में तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही। घटनास्थल से मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस लगातार आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास करती रही, जिसका परिणाम 48 घंटे के भीतर सामने आ गया।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। वहीं पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश और इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

बाइट: शैलेंद्र कुमार सिंह, सिटी एसपी, भागलपुर।

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