पटना में नशे के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: 12 हजार से ज्यादा प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, यूपी से बिहार के रास्ते बंगाल तक फैला था ‘सफेद जहर’ का जाल

  • ​राजधानी के गौरीचक थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित कफ सिरप की 12,050 बोतलों की एक विशाल खेप जब्त की है।
  • ​इस मामले में चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो अररिया और कटिहार के रहने वाले हैं, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
  • ​उत्तर प्रदेश के उन्नाव से शुरू होकर बिहार के सीमावर्ती जिलों और पश्चिम बंगाल तक फैले इस नशीले कारोबार के तार अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हुए हैं।
  • ​पुलिस ने तस्करों के पास से दो स्कॉर्पियो, एक कार और पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, साथ ही ग्राम हंडेर स्थित एक गुप्त गोदाम को भी सील कर दिया है।
  • ​एक अन्य कार्रवाई में चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र से पुलिस ने 128 नशीली सुइयां बरामद कर दो धंधेबाजों को दबोचा है, जो स्थानीय नशेड़ियों को इसकी सप्लाई करते थे।

पटना (द वॉयस ऑफ बिहार)।

गौरीचक की सड़कों पर आधी रात का रोमांच और नशे की बड़ी खेप की बरामदगी

बिहार की राजधानी पटना इन दिनों नशा तस्करों के लिए एक ट्रांजिट हब बनती जा रही है, लेकिन पुलिस की पैनी नजर ने एक बार फिर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। रविवार की रात जब शहर सो रहा था, तब गौरीचक पुलिस एक गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछा रही थी। सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार को सटीक जानकारी मिली थी कि भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप कटिहार ले जाई जा रही है। पुलिस की विशेष टीम ने गौरीचक थाना क्षेत्र के एक स्कूल के पास घेराबंदी की। जैसे ही दो स्कॉर्पियो और एक कार वहां पहुंची, पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही तस्करों में हड़कंप मच गया। वाहनों से कूदकर दो तस्कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की ओर भाग निकले, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर चार अन्य को मौके पर ही दबोच लिया। जब वाहनों की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए; वाहनों के भीतर बोरियों और कार्टन में छिपाकर रखी गई प्रतिबंधित कफ सिरप की 12,050 बोतलें लदी हुई थीं।

उन्नाव से कटिहार तक: नशीले कारोबार का खौफनाक ‘रूट मैप’

पकड़े गए तस्करों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो इस काले कारोबार की कड़ियां एक-एक कर जुड़ने लगीं। तस्करों ने कबूल किया कि यह प्रतिबंधित कफ सिरप उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में तैयार किया गया था। वहां से इसे सड़क मार्ग के जरिए पटना लाया गया। पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र के ग्राम हंडेर में एक सुनसान गोदाम को इस गिरोह ने अपना ‘बेस कैंप’ बना रखा था। यूपी से आने वाली खेप पहले इस गोदाम में डंप की जाती थी और फिर यहां से छोटी गाड़ियों के जरिए इसे बिहार के सीमावर्ती जिलों जैसे कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया भेजा जाता था। इतना ही नहीं, इस नशे के तार झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से भी जुड़े हुए हैं। इन क्षेत्रों में नशे के रूप में इस सिरप की भारी मांग है, जिसके चलते तस्कर इसे ऊंचे दामों पर बेचकर मोटी कमाई कर रहे थे।

सीमांचल के तस्करों का गठजोड़ और पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी

इस गिरोह की सबसे बड़ी खासियत इसका भौगोलिक विस्तार है। गिरफ्तार किए गए चार तस्करों में से मोहम्मद आदिल अररिया जिले का रहने वाला है, जबकि अनवर आलम, करण कुमार और बमबम कुमार कटिहार जिले के निवासी हैं। यह साफ दर्शाता है कि सीमांचल के जिलों में सक्रिय अपराधियों ने राजधानी में अपना ठिकाना बना लिया है ताकि वे आसानी से माल की आवाजाही कर सकें। पुलिस ने इन चारों के पास से पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनके कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इन मोबाइलों के जरिए उन ‘बड़े चेहरों’ तक पहुंचा जा सकेगा जो इस पूरे सिंडिकेट को आर्थिक मदद मुहैया कराते हैं। फरार हुए दो तस्करों की पहचान भी कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अररिया और कटिहार पुलिस के सहयोग से छापेमारी की जा रही है।

हंडेर का वो ‘गुप्त गोदाम’ और पुलिस की सीलिंग की कार्रवाई

सिटी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि तस्करों की निशानदेही पर ग्राम हंडेर स्थित उस गोदाम पर भी छापा मारा गया जहां इस खेप को सुरक्षित रखा जाता था। यह गोदाम मुख्य सड़क से हटकर एक सुनसान इलाके में बनाया गया था ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने पाया कि गोदाम के भीतर सुरक्षा और भंडारण के पुख्ता इंतजाम थे, जो यह बताता है कि यह धंधा काफी समय से चल रहा था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस गोदाम को सील कर दिया है और इसके मालिक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गोदाम को फर्जी कागजात के आधार पर किराए पर लिया गया था। पुलिस अब उस मकान मालिक से भी पूछताछ करेगी जिसने बिना सत्यापन के अपराधियों को जगह मुहैया कराई थी।

नशीली सुइयों का खेल: सब्जी मंडी के पास से दो गिरफ्तार

कफ सिरप की इस बड़ी कार्रवाई के समानांतर, पटना पुलिस की एक दूसरी टीम ने चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र में भी प्रहार किया। राजेंद्रनगर सब्जी मंडी पुल के नीचे लंबे समय से नशीली सुइयों (Injections) के कारोबार की शिकायत मिल रही थी। पुलिस ने छापेमारी कर वहां से 128 पीस नशीली सुइयां बरामद कीं। इस मामले में डोली उर्फ राजेश सहनी (कदमकुंआ निवासी) और दीपक कुमार (राजेंद्रनगर निवासी) को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों बदमाश स्थानीय स्तर पर सक्रिय नशेड़ियों को ये सुइयां सप्लाई करते थे। पूछताछ में इन्होंने बताया कि वे बाजार से प्रतिबंधित दवाओं को अवैध तरीके से प्राप्त करते हैं और फिर उन्हें छोटी-छोटी मात्रा में ऊंचे मुनाफे पर बेचते हैं। यह छोटी कार्रवाई शहर के भीतर पनप रहे नशाखोरी के स्थानीय नेटवर्क को उजागर करती है।

कफ सिरप का ‘नशा’ और समाज पर पड़ता इसका घातक प्रभाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्रतिबंधित कफ सिरप में कोडीन (Codeine) जैसे पदार्थों की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो सीधे मानव मस्तिष्क पर असर करती है। युवा पीढ़ी, विशेषकर मजदूर और छात्र वर्ग, सस्ती कीमत और आसानी से उपलब्धता के कारण इस नशे की चपेट में आ रहे हैं। तस्करों के अनुसार, कटिहार और किशनगंज जैसे जिलों में जहां कड़े नशीले पदार्थों की पहुंच मुश्किल है, वहां यह कफ सिरप एक ‘सस्ते विकल्प’ के रूप में उभरा है। पुलिस की इस 12 हजार बोतलों की बरामदगी ने निश्चित रूप से हजारों युवाओं को इस दलदल में फंसने से बचाया है। प्रशासन अब उन मेडिकल स्टोरों और वितरकों पर भी नजर रख रहा है जो बिना पर्चे के ऐसी दवाइयां उपलब्ध कराते हैं।

सिटी एसपी परिचय कुमार का संकल्प: नशा मुक्त होगा पटना

इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे सिटी एसपी परिचय कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस अब इस गिरोह के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ की जांच कर रही है। यानी यह पता लगाया जा रहा है कि यूपी के उन्नाव में यह माल किसने सप्लाई किया और बंगाल में इसे कौन प्राप्त करने वाला था। पुलिस ने जब्त की गई दो स्कॉर्पियो और कार के रजिस्ट्रेशन नंबरों की भी जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता चल सके कि ये गाड़ियां चोरी की हैं या तस्करों की अपनी। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी गोदाम या घर में ऐसी संदिग्ध गतिविधियां दिखती हैं, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।

निष्कर्ष: राजधानी में मुस्तैद पुलिस और तस्करों की टूटती कमर

पटना में एक ही रात में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई ये गिरफ्तारियां दिखाती हैं कि पुलिस अब केवल पारंपरिक अपराधों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह संगठित नशा तस्करी के खिलाफ भी युद्ध स्तर पर काम कर रही है। 12 हजार से अधिक कफ सिरप की बोतलों का पकड़ा जाना तस्करों के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका है। हालांकि, गिरोह के दो सदस्यों का फरार होना एक चिंता का विषय है, लेकिन पुलिस का दावा है कि वे जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। राजधानी के लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। द वॉयस ऑफ बिहार की टीम इस मामले की अदालती कार्यवाही और आगामी गिरफ्तारियों पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी।

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