पटना में 25 करोड़ की ड्रग्स बरामदगी: पीटीसी जवान पर शिकंजा, कार्रवाई के लिए मुख्यालय को भेजा गया पत्र

पटना, 31 मार्च 2026: राजधानी पटना में हाल ही में उजागर हुए बड़े ड्रग्स तस्करी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब पुलिस विभाग के एक जवान की संलिप्तता सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है।

पुलिस ने नालंदा निवासी पीटीसी (पुलिस प्रशिक्षण केंद्र) के जवान ऋषिकेश को इस मामले में अप्राथमिक अभियुक्त के रूप में नामित किया है। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजा गया है।

ड्रग्स नेटवर्क में सक्रिय भूमिका का खुलासा

जांच के दौरान यह सामने आया है कि वर्ष 2011 बैच का यह जवान ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और इसकी गतिविधियां लंबे समय से संदिग्ध थीं। पुलिस को संदेह है कि वह गिरोह के संचालन और सप्लाई चैन में अहम भूमिका निभा रहा था।

फिलहाल आरोपी जवान फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

पटना में 25 करोड़ की ड्रग्स बरामदगी: पीटीसी जवान पर शिकंजा, कार्रवाई के लिए मुख्यालय को भेजा गया पत्र

ट्रांसफर के बाद नहीं किया ज्वाइन, घोषित भगोड़ा

जानकारी के मुताबिक, आरोपी जवान की तैनाती पहले गया में थी, जहां से उसका तबादला पिछले साल जुलाई में भागलपुर कर दिया गया था। हालांकि, उसने नए स्थान पर योगदान नहीं दिया और तब से ड्यूटी से गायब है।

इस स्थिति के कारण वह विभागीय रिकॉर्ड में भगोड़े की श्रेणी में आ गया है। बताया जा रहा है कि इस वजह से उसके खिलाफ सीधे कार्रवाई करने में भी तकनीकी अड़चनें सामने आ रही हैं।

छापेमारी में हुआ था बड़ा खुलासा

इस पूरे मामले की शुरुआत 27 मार्च को आलमगंज थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई से हुई थी। पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर एक अपार्टमेंट में छापेमारी की गई।

इस दौरान समस्तीपुर निवासी जितेंद्र कुमार और जहानाबाद निवासी नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 1.681 किलोग्राम स्मैक और करीब 2.15 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

इसके बाद दोनों आरोपियों की निशानदेही पर रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक स्थित एक मकान में छापा मारा गया, जहां से 19 किलो 500 ग्राम कच्ची स्मैक, हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।

बरामद मादक पदार्थों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 25 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इस नेटवर्क के बड़े पैमाने पर सक्रिय होने की पुष्टि करता है।

बनारस से पटना तक फैला गिरोह

पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बनारस से ड्रग्स लाकर पटना और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करता था। गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ है और इसमें कई लोगों की संलिप्तता की आशंका है।

इसी कड़ी में पीटीसी जवान ऋषिकेश का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने उसकी भूमिका की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

सख्त कार्रवाई की तैयारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पुलिस विभाग से ही क्यों न जुड़ा हो। आरोपी जवान के खिलाफ विभागीय और कानूनी दोनों स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

फिलहाल, पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी और पूरे ड्रग्स नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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