कैमूर।बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। कैमूर जिले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) की टीम ने भूमि संरक्षण विभाग के दो अधिकारियों को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारियों को पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया है।
बकाया भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत
गिरफ्तार अधिकारियों में
- रविशंकर राम – सहायक निदेशक
- अंजनी कुमार – अभियंत्रण विशेषज्ञ
दोनों भूमि संरक्षण सह परियोजना क्रियान्वयन इकाई, कैमूर में पदस्थापित थे। आरोप है कि इन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कराए गए कार्यों के बकाया भुगतान के बदले किसानों से 20 हजार रुपये की घूस मांगी थी।
घूस नहीं देने पर धमकी
पीड़ित किसान—
- उमेश कुमार, निवासी गम्हरियां (अधौरा थाना)
- अरविंद कुमार, निवासी कलहुंआ (अधौरा थाना)
ने विशेष निगरानी इकाई में शिकायत दर्ज कराई थी। किसानों ने बताया कि अधिकारियों ने साफ कहा था कि यदि रिश्वत नहीं दी गई तो बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
जाल बिछाकर रंगे हाथ पकड़ा
शिकायत का सत्यापन होने के बाद SVU ने जाल बिछाया।
29 जनवरी 2026 को जैसे ही रविशंकर राम ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने उन्हें मौके पर ही धर दबोचा। उसी समय अंजनी कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस
अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई एसपी चंद्रभूषण के नेतृत्व में की गई।
योजनाओं के नाम पर लूट
यह मामला सरकारी योजनाओं के नाम पर किसानों से वसूली की गंभीर तस्वीर सामने लाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कैमूर के पहाड़ी इलाकों में कई योजनाओं का लाभ बिना “कमीशन” दिए नहीं मिलता। अधिकतर किसान डर के कारण चुप रहते हैं, लेकिन कुछ विरोध भी करते हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई साफ संदेश देती है—
सरकारी योजनाओं में घूसखोरी बर्दाश्त नहीं होगी।


