
पटना, 31 मार्च। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बार फिर बड़ा अभियान चलाया है। मंगलवार सुबह EOU की टीम ने किशनगंज के एसडीपीओ (DSP) गौतम कुमार और सहरसा के DRDA डायरेक्टर वैभव कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक के बड़े कदमों में माना जा रहा है।
12 ठिकानों पर एक साथ दबिश
EOU की अलग-अलग टीमों ने पटना, पूर्णिया, किशनगंज, सहरसा और मुजफ्फरपुर समेत कुल 12 स्थानों पर छापेमारी की। दोनों अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी।
DSP के खिलाफ करीब 2 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप
जांच में सामने आया है कि किशनगंज में तैनात एसडीपीओ गौतम कुमार ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 1 करोड़ 94 लाख रुपये अधिक संपत्ति अर्जित की है। यह उनकी आय से करीब 60 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
इस मामले में उनके पटना, पूर्णिया और किशनगंज स्थित कुल 6 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।
DRDA डायरेक्टर पर 2.41 करोड़ की संपत्ति का मामला
वहीं, सहरसा के DRDA डायरेक्टर वैभव कुमार के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। जांच में उनके पास करीब 2 करोड़ 41 लाख रुपये की अवैध संपत्ति होने का खुलासा हुआ है, जो उनकी आय से लगभग 78 प्रतिशत अधिक है।
उनके सहरसा और मुजफ्फरपुर स्थित 6 ठिकानों पर EOU की टीम छापेमारी कर रही है।
स्पेशल कोर्ट से मिली थी अनुमति
EOU को दोनों अधिकारियों के खिलाफ गुप्त सूचना मिली थी, जिसके सत्यापन के बाद मामला दर्ज किया गया। इसके बाद निगरानी की विशेष अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई
राज्य में आर्थिक अपराध इकाई लगातार भ्रष्टाचार के मामलों पर नजर बनाए हुए है और ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही है। इस छापेमारी के बाद कई अहम दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।
EOU की इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


