शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की होगी जांच, प्रदर्शनकारियों की मांग पर RJD का बड़ा बयान

शिक्षक अभ्यर्थियों ने डोमिसाइल नीति के खिलाफ शनिवार को पटना के सड़कों पर जमकर प्रदर्शन किया. उनपर प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने को लेकर विभिन्न पार्टियों के बीच कोल्ड वॉर शुरू हो गया है. राष्ट्रीय जनता दल ने इस पूरे मामले में बड़ा बयान दिया है. पार्टी का कहना है कि युवाओं और शिक्षक संगठनों के बीच डोमिसाइल को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है, उसे दूर किया जाएगा. पार्टी विभिन्न युवाओं और शिक्षक संगठनों से बात भी करेगी।

राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि आंदोलन करने वाले सभी हमारे लोग हैं. हम उनसे बातें करेंगे. हम सरकार के हिस्से के रूप में हैं. हम लगातार प्रयास कर रहे हैं और संगठनों से भी बात करेंगे. यह सब हमारे लोग हैं. हम उनकी भावनाओं का आदर भी करते हैं. जरूरत पड़ने पर अन्य क्षेत्र में जो बहाली होगी, उस पर हम विचार करने के लिए सरकार से आग्रह करेंगे. भावनाओं का अनादर हम नहीं करते हैं।

शक्ति सिंह यादव ने कहा कि बिहार में पहले भी दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी आवेदन देकर शिक्षक बनते थे. हम लोग बिहार में दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का मौका इसलिए दे रहे हैं क्योंकि दूसरे राज्यों में भारी संख्या में बिहारी बच्चों नौकरी करते हैं. हम अगर दूसरे राज्यों के लोगों को नौकरी बिहार में नहीं देंगे तो दूसरे राज्य भी अपने राज्यों में बिहारी लोगों को नौकरी देना बंद कर देंगे. दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को बस इसलिए बिहार में शिक्षक बनने का मौका दिया जा रहा है।

वहीं राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि सूबे में नीतीश तेजस्वी की सरकार है और युवाओं को रोजगार देने का काम सरकार कर रही है. शिक्षक अभ्यर्थी को धैर्य रखना चाहिए. उनके लिए ही शिक्षक भर्ती की नियमावली बनी है. जहां तक मांग की बात है तो उसको लेकर भी सरकार विचार करेगी. उन्होंने कहा कि हम शिक्षक अभ्यर्थी से अपील करेंगे कि वो बीजेपी के झांसे में ना आएं. प्रदर्शन करने का एक दायरा है, उस दायरे के अंदर काम करना चाहिए. रही लाठी चार्ज की तो देखना होगा कि किन हालातों में पुलिस ने ऐसा किया. इसकी जांच करायी जायेगी।

बता दें बिहार सरकार शिक्षक भर्ती नियमावली में बदलाव की है. अब बिहार में शिक्षक बनने के लिए बिहारी होना जरूरी नहीं. बाहरी लोग भी शिक्षक बन सकते हैं. इसका विरोध बिहार के शिक्षक अभ्यर्थी कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि हमारा अधिकार और हक छीना जा रहा है. हजारों की संख्या में शिक्षक अभ्यर्थियों ने आज राजधानी पटना में प्रदर्शन किया. वहीं बीजेपी ने भी शिक्षक अभ्यर्थियों के पक्ष में सड़क पर उतरने का फैसला लिया है. बिहार बीजेपी की ओर से 13 जुलाई को विधानसभा मार्च का ऐलान किया गया है।

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