नवादा। लद्दाख के कारगिल में भारत-पाक सीमा पर ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवान मनीष कुमार को शनिवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा नवादा भारत माता की जय, वीर मनीष अमर रहें जैसे गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
सुबह पहुंचा पार्थिव शरीर, नवादा ने नम आंखों से दी विदाई
नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड के पाण्डेय गंगौट गांव के निवासी मनीष कुमार का पार्थिव शरीर सुबह आठ बजे नवादा पुलिस लाइन पहुंचा। इसके बाद दस बजे सेना के विशेष वाहन से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा नवादा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए दोपहर 12:52 बजे उनके पैतृक गांव पहुंची।
गांव में उमड़ा जनसैलाब, नारे और श्रद्धा से भरा माहौल
गांव पहुंचते ही हजारों लोगों ने ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, मनीष तेरा नाम रहेगा’ जैसे नारों के साथ शहीद को श्रद्धांजलि दी। पार्थिव शरीर को कुछ देर के लिए पैतृक घर पर रखा गया, जहां परिजनों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने वीर सपूत को अंतिम प्रणाम किया।
पत्नी ने किए अंतिम दर्शन, सैन्य सम्मान के साथ विदाई
इसके बाद पार्थिव शरीर को गांव के श्मशान घाट ले जाया गया, जहां पत्नी खुशबू कुमारी को अंतिम दर्शन कराया गया। भावुक माहौल के बीच सेना और बिहार पुलिस के जवानों ने उन्हें गन सलामी दी और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार सम्पन्न हुआ।
देशभक्ति से सराबोर यह अंतिम यात्रा, एक वीर सपूत की शहादत को सच्ची श्रद्धांजलि थी। मनीष कुमार की बहादुरी और बलिदान को नवादा ही नहीं, पूरा बिहार और भारत हमेशा याद रखेगा।


