
छपरा, बिहार के छपरा में भूमि सुधार से जुड़े मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री ने खुद लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। यह कार्यक्रम शहर के भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार भूमि सुधार से जुड़े मामलों के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
लोगों ने खुलकर रखीं अपनी समस्याएं
जनसंवाद के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। कई लोगों ने जमीन विवाद, गलत जमाबंदी, दाखिल-खारिज में देरी और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दों को उठाया।
विजय सिन्हा ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अधिकारियों को पारदर्शिता और तेजी के निर्देश
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को पारदर्शिता और तेजी के साथ काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल, विशेष कार्य पदाधिकारी चंद्रिमा अत्री, सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी विनीत कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए और लोगों की समस्याओं को दर्ज कर समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई।
जनता में जगी उम्मीद
इस जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं और उम्मीद जताई कि अब उनके मामलों का जल्द समाधान होगा।
भूमि विवादों के समाधान पर सरकार का फोकस
डिप्टी सीएम के इस कार्यक्रम को सरकार की उस पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत आम जनता तक सीधे पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
आने वाले समय में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके।


