
भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत श्रीपुर नगर परिषद क्षेत्र में गुरुवार को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। कोसी नदी की तेज धार में डूबने से 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक का माहौल है और हर तरफ इस दर्दनाक घटना की चर्चा हो रही है। मृतक परिवार का बड़ा बेटा था और मजदूरी कर घर की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण योगदान देता था। उसकी असमय मौत से परिवार के सामने भावनात्मक के साथ-साथ आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
मृतक की पहचान श्रीपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या-3 निवासी झकसु सिंह के 19 वर्षीय पुत्र सुनील कुमार के रूप में की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार सुनील एक मेहनती और जिम्मेदार युवक था, जो कम उम्र में ही अपने परिवार की जिम्मेदारियों को समझता था। वह मजदूरी कर अपने पिता का हाथ बंटाता था और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत रहता था।
परिजनों ने बताया कि गुरुवार को सुनील रोज की तरह खेत की ओर गया था। खेत से पशुओं के लिए चारा लेकर वह घर लौट रहा था। इसी दौरान उसे कोसी नदी के किनारे से होकर गुजरना पड़ा। बताया जाता है कि नदी के समीप पहुंचने पर उसका पैर अचानक फिसल गया और वह संतुलन खो बैठा। देखते ही देखते वह नदी की तेज धार में समा गया।
घटना के समय आसपास मौजूद कुछ लोगों ने युवक को नदी में गिरते देखा और तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर अन्य लोगों को भी बुलाया और खोजबीन शुरू की, लेकिन कोसी नदी की तेज धारा के कारण युवक कुछ ही क्षणों में आंखों से ओझल हो गया। इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा काफी देर तक नदी में उसकी तलाश की जाती रही।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए। परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उनके बीच चीख-पुकार मच गई। काफी मशक्कत और खोजबीन के बाद युवक का शव नदी से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया और लोगों की आंखें नम हो गईं।
सुनील की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया। उसकी मां मंजू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद वह बार-बार बेहोश हो रही थीं। वहीं पिता झकसु सिंह गहरे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं, जिनमें सुनील सबसे बड़ा पुत्र था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं और वह भविष्य में परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का सपना देख रहा था।
परिवार के लोगों का कहना है कि सुनील केवल एक बेटा नहीं बल्कि पूरे परिवार की उम्मीद था। मजदूरी कर वह घर के खर्चों में मदद करता था और छोटी उम्र में ही जिम्मेदारियों को निभाने लगा था। उसकी मौत ने परिवार को अंदर तक झकझोर दिया है। अब घर के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद नवगछिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव को कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
इस बीच गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। ग्रामीणों ने कहा कि सुनील एक सरल स्वभाव का युवक था और सभी के साथ मिलजुलकर रहता था। उसकी मौत से पूरे गांव को गहरा आघात पहुंचा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सुनील परिवार का कमाऊ सदस्य था और उसकी मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और भी खराब हो सकती है। ऐसे में सरकार को आपदा राहत मद सहित अन्य योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध करानी चाहिए ताकि परिवार को कुछ राहत मिल सके।
घटना की जानकारी मिलने पर वार्ड पार्षद नागेश्वर सिंह भी मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस दुखद घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
वार्ड पार्षद ने कहा कि सुनील एक मेहनती और जिम्मेदार युवक था, जो अपने परिवार की बेहतरी के लिए लगातार संघर्ष कर रहा था। इतनी कम उम्र में उसका इस तरह दुनिया से चले जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मृतक के परिवार को शीघ्र मुआवजा दिया जाए और सरकार की सभी पात्र योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को समय पर सहायता मिल सके। आर्थिक सहायता मिलने से परिवार को कठिन परिस्थितियों में कुछ राहत मिल सकती है।
कोसी नदी में हर वर्ष कई दुर्घटनाएं सामने आती हैं। बरसात के मौसम में नदी की धार और अधिक खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण कई बार ऐसे हादसे हो जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लोगों को जागरूक करने की भी मांग की है।
फिलहाल श्रीपुर गांव में शोक का माहौल है। हर किसी की जुबान पर सुनील कुमार का नाम है और लोग इस दुखद घटना को लेकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस गहरे सदमे से उबरने की है। वहीं ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द से जल्द पीड़ित परिवार को राहत प्रदान करेगा, ताकि इस कठिन समय में उन्हें कुछ सहारा मिल सके।


