BPSC AEDO पेपर लीक मामला: बायोमेट्रिक से लेकर जैमर तक में गड़बड़ी, 35 गिरफ्तार; EOU की जांच में बड़े खुलासे

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी परीक्षा रद्द होने के बाद पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच तेज हो गई है। जांच में परीक्षा की पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।


बायोमेट्रिक और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक

EOU की जांच में सामने आया है कि परीक्षा संचालन में जिम्मेदार एजेंसियों ने नियमों का पालन नहीं किया। रेंडमाइजेशन प्रक्रिया को दरकिनार कर अंतिम समय में ऐसे कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई जो निर्धारित सूची में शामिल नहीं थे।

चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कुछ कर्मचारी स्वयं भी AEDO परीक्षा के अभ्यर्थी थे।


बायोमेट्रिक एजेंसी जांच के घेरे में

जयपुर स्थित मेसर्स साई एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड की भूमिका भी जांच के दायरे में है। बायोमेट्रिक सत्यापन में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के आरोपों के बाद इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव भेजा गया है।


अब तक 35 आरोपी गिरफ्तार

EOU के अनुसार इस मामले में अब तक 35 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ये गिरफ्तारियां मुंगेर, नालंदा, वैशाली, बेगूसराय और नवादा जिलों में दर्ज मामलों के आधार पर की गई हैं।

गिरफ्तार लोगों में बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी, जिला समन्वयक और अन्य संबंधित व्यक्ति शामिल हैं।


जैमर सिस्टम पर भी सवाल

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर जैमर व्यवस्था में गड़बड़ी की गई। आरोप है कि ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए उत्तर लिखवाने की कोशिश की गई।

EOU को शक है कि कुछ स्थानों पर जैमर की रेंज जानबूझकर सीमित रखी गई थी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग संभव हो सका।


पुराने संदिग्ध कर्मी भी शामिल

जांच एजेंसी के अनुसार कुछ ऐसे लोगों को भी परीक्षा ड्यूटी में लगाया गया, जिनका पूर्व में भी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का रिकॉर्ड रहा है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ड्यूटी आवंटन में किस स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हुई।


पूरे सिस्टम पर उठे सवाल

पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर बिहार की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। EOU पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान हो सके।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पूरी साजिश का खुलासा किया जाएगा।

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