
खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले में गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 की सुबह एक ऐसा भीषण सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। नेशनल हाईवे-31 पर मौत बनकर दौड़ रहे एक गिट्टी लदे हाईवा ने खुशियों से भरे एक परिवार के सपनों को चंद सेकंड में मलबे के नीचे दफन कर दिया। महेशखूंट थाना क्षेत्र के गौछारी के समीप घटी इस हृदयविदारक घटना में एक ऑटो पर सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान और उनकी पत्नी शामिल हैं, जो अपने घर से ड्यूटी पर लौटने के लिए निकले थे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद ऑटो पूरी तरह हाईवा के नीचे समा गया और उस पर लदी भारी-भरकम गिट्टी के नीचे तीनों सवारियां दब गईं। स्थानीय प्रशासन को शवों को बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। इस घटना के बाद मृतक के गांव मालिया में कोहराम मचा हुआ है और हर आंख नम है।
NH-31 पर मौत का तांडव: गिट्टी के नीचे दफन हुई सांसें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सुबह उस वक्त हुई जब खगड़िया के नेशनल हाईवे-31 पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। इसी दौरान महेशखूंट की ओर से आ रहे गिट्टी लदे एक अनियंत्रित हाईवा ने सामने से आ रहे ऑटो को जबरदस्त टक्कर मार दी। हाईवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका और टक्कर मारने के बाद वह ऑटो को रौंदते हुए पलट गया। ऑटो पूरी तरह से हाईवा के पिछले हिस्से और सड़क पर बिखरी गिट्टी के नीचे दब गया।
सड़क पर मौजूद राहगीर और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन ऑटो का नामोनिशान तक नहीं दिख रहा था। वह गिट्टी के विशाल ढेर और हाईवा के लोहे के ढांचे के बीच पिचक चुका था। सूचना मिलते ही महेशखूंट थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत क्रेन मंगवाई। बड़ी मशक्कत के बाद जब हाईवा को सीधा किया गया और गिट्टी हटाई गई, तब जाकर ऑटो के भीतर फंसे तीनों लोगों के क्षत-विक्षत शव बाहर निकाले जा सके।
CISF जवान का आखिरी सफर: ड्यूटी ज्वाइन करने की जगह मिली मौत
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान परबत्ता प्रखंड के मालिया गांव निवासी विपिन कुमार, उनकी पत्नी दीपमाला कुमारी और ऑटो चालक टनकेश कुमार के रूप में हुई है। विपिन कुमार CISF में जवान के पद पर तैनात थे और इन दिनों अपने गांव मालिया में छुट्टी बिताने आए हुए थे। परिजनों ने बताया कि विपिन की छुट्टियां खत्म हो गई थीं और आज उन्हें वापस झारखंड जाकर अपनी ड्यूटी ज्वाइन करनी थी।
पूरा परिवार सुबह से ही विपिन की विदाई की तैयारी में जुटा था। उनकी पत्नी दीपमाला कुमारी उन्हें मानसी रेलवे स्टेशन तक छोड़ने के लिए साथ जा रही थी ताकि पति को ट्रेन में बिठाकर वापस लौट सके। मालिया गांव से ये दोनों टनकेश कुमार के ऑटो में सवार होकर मानसी स्टेशन के लिए निकले थे। गांव से स्टेशन तक का यह सफर महज कुछ किलोमीटर का था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। गौछारी के पास NH-31 पर पहुँचते ही काल बने हाईवा ने इस दंपत्ति के जीवन का अंत कर दिया। एक जवान जो सरहद और देश की सुरक्षा का जिम्मा उठाता था, वह अपने ही गृह जिले की सड़कों पर कुप्रबंधन और तेज रफ्तार का शिकार हो गया।
मालिया गांव में पसरा सन्नाटा: एक साथ उठीं तीन अर्थियां
जैसे ही हादसे की खबर परबत्ता के मालिया गांव पहुँची, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। विपिन कुमार के घर पर जो लोग सुबह विदाई के समय आशीर्वाद दे रहे थे, वे अब दहाड़ मार कर रो रहे हैं। एक साथ पति-पत्नी की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। वहीं ऑटो चालक टनकेश कुमार के घर की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है, वह अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था।
गांव वालों का कहना है कि विपिन कुमार बेहद मिलनसार व्यक्ति थे और जब भी छुट्टी पर आते थे, गांव के विकास और समाज सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उनके जाने से न केवल एक परिवार ने अपना चिराग खोया है, बल्कि गांव ने एक जागरूक रक्षक को भी खो दिया है। एक ही गांव के तीन लोगों की एक साथ मौत होने से गांव के चूल्हे तक नहीं जले हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
सुरक्षा और रफ्तार पर सवाल: आखिर कब थमेगा सड़कों पर कत्लेआम?
खगड़िया का यह हादसा एक बार फिर नेशनल हाईवे पर होने वाली ओवरस्पीडिंग और भारी वाहनों की अनियंत्रित ड्राइविंग की ओर इशारा करता है। स्थानीय लोगों में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि NH-31 पर हाईवा और ट्रकों का परिचालन अक्सर नियमों को ताक पर रखकर किया जाता है। ओवरलोडेड वाहन और नशे में धुत चालक अक्सर मासूमों की जान ले लेते हैं।
महेशखूंट थाना प्रभारी ने बताया कि दुर्घटना के बाद हाईवा चालक मौके से फरार होने में सफल रहा, लेकिन पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
बचाव कार्य में जुटी प्रशासन की टीम: घंटों बाधित रहा यातायात
हादसे के बाद NH-31 पर घंटों तक यातायात बाधित रहा। गिट्टी सड़क पर बिखर जाने और हाईवा के पलट जाने के कारण दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई थी। क्रेन के जरिए मलबा हटाने और शवों को बाहर निकालने की प्रक्रिया के दौरान पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा। पुलिस बल ने कड़ी मशक्कत के बाद सड़क को साफ कराया और यातायात को सामान्य किया।
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑटो की हालत इतनी खराब थी कि उसे काटकर शवों को बाहर निकालना पड़ा। गिट्टी के दबाव के कारण शव पूरी तरह से दब चुके थे। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। खगड़िया जिलाधिकारी ने भी इस मामले में रिपोर्ट तलब की है और परिवहन विभाग को हाईवे पर गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।


