खगड़िया के एनएच-31 पर अनियंत्रित ट्रक ने ऑटो को रौंदा, एक किशोरी समेत छह की मौत, भागने के चक्कर में कई अन्य वाहनों को भी ठोका

खगड़िया, 18 मई 2026। बिहार के खगड़िया जिले में सोमवार को एक बार फिर तेज रफ्तार और प्रशासनिक ढिलाई के संमिश्रण ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर खून की होली खेल दी। मानसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 31 (एनएच-31) पर पूर्वी ठाठा गांव के समीप एक अनियंत्रित और काल बनकर दौड़ रहे भारी मालवाहक ट्रक ने सवारी से भरे एक ऑटो रिक्शा को पूरी तरह से रौंद दिया। इस वीभत्स और दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में अब तक छह लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि पांच से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। टक्कर इतनी भयावह थी कि एनएच-31 का एक बड़ा हिस्सा चीख-पुकार और मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। घटना की भयावहता को देखते हुए प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों के विन्यास में जुट गए हैं।

तीन ने मौके पर तोड़ा दम, अस्पताल ले जाने और इलाज के दौरान तीन अन्य की रुकी सांसें

​इस हृदयविदारक दुर्घटना में मौतों के सिलसिले की कड़ियां समय के अलग-अलग अंतरालों में सामने आईं। स्थानीय सूत्रों और पुलिस से प्राप्त आधिकारिक इनपुट्स के अनुसार, जब तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को अपनी चपेट में लिया, तो टक्कर के तुरंत बाद ऑटो में सवार तीन यात्रियों के शरीर के संवेदनशील हिस्से पूरी तरह कुचल गए, जिसके कारण उनकी घटनास्थल पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

​इसके बाद, जब स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने सक्रियता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल अन्य यात्रियों को मलबे से निकालकर खगड़िया सदर अस्पताल भेजने की प्रविधि शुरू की, तो दो अन्य अति गंभीर घायलों की शारीरिक धड़कनें रास्ते में ही थम गईं और डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, एक अन्य गंभीर रूप से जख्मी व्यक्ति ने सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में गहन चिकित्सा और डॉक्टरों के तमाम जीवन रक्षक प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस प्रकार इस भीषण हादसे में मरने वालों की संचयी संख्या बढ़कर छह हो गई है, जबकि चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि कुछ घायलों की नाजुक अवस्थिति को देखते हुए मृतकों का यह आंकड़ा आगामी घंटों में और बढ़ सकता है।

खगड़िया से महेशखूंट की ओर जा रही थी टेंपो, विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने मारी टक्कर

​घटनाक्रम के विलेखों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के अनुसार, यह भीषण हादसा उस समय घटित हुआ जब एक यात्री टेंपो (ऑटो रिक्शा) खगड़िया जिला मुख्यालय की ओर से सवारी लेकर महेशखूंट की तरफ सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। टेंपो जैसे ही मानसी थाना क्षेत्र के पूर्वी ठाठा गांव के मुहाने के समीप पहुंची, तभी विपरीत दिशा से अत्यधिक और अनियंत्रित गति से आ रहे एक भारी ट्रक ने ट्रैफिक नियमों को धता बताते हुए टेंपो में सामने से सीधे और जोरदार ठोकर मार दी।

​टक्कर की गूंज इतनी तीव्र थी कि आस-पास के खेतों में काम कर रहे किसान और ग्रामीण दहल उठे। अनियंत्रित ट्रक की भौतिक गति और वजन के सामने संकीर्ण टेंपो का ढांचा पूरी तरह बिखर गया और उसके कई टुकड़े होकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दूर तक बिखर गए। टेंपो के परखच्चे उड़ने के कारण उसमें बैठी सवारियां लोहे की चद्दरों और सरियों के बीच बुरी तरह फंस गईं, जिससे उन्हें निकालने में भी भारी मशक्कत करनी पड़ी।

भागने के चक्कर में सफारी और पिकअप को भी उड़ाया, थोड़ी दूर ट्रक छोड़कर चालक फरार

​इस जघन्य हादसे को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक की क्रूरता और दुस्साहस का एक और वीभत्स विलेख सामने आया। ऑटो रिक्शा को पूरी तरह कुचलने के बाद चालक ने गाड़ी को रोकने या घायलों की जीवन रक्षा करने के बजाय, कानून के फंदे से बचने के लिए ट्रक की रफ्तार को और अधिक बढ़ा दिया और वाहन लेकर भागने का प्रयास करने लगा। इसी अंधाधुंध फरारी के चक्कर में ट्रक ने हाईवे पर आगे चल रही एक टाटा सफारी कार को पीछे से कड़क टक्कर मारी, जिससे कार असंतुलित होकर डैमेज हो गई।

​इसके तुरंत बाद, बेकाबू ट्रक ने मार्ग पर ही चल रही एक मालवाहक पिकअप वैन को भी पूरी तरह ठोक दिया। इन दोनों आनुषंगिक टक्करों के कारण सफारी और पिकअप वैन में सवार कतिपय यात्री और चालक भी शारीरिक रूप से जख्मी हो गए। पिकअप वैन से टकराने के बाद जब ट्रक का अगला हिस्सा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी गति धीमी पड़ गई, तो चालक ने भांप लिया कि अब वाहन के साथ भागना असंभव है। इसके बाद, घटनास्थल से कतिपय दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ही ट्रक को लावारिस हालत में छोड़कर चालक और उसका खलासी अंधेरे और ग्रामीण पगडंडियों के रास्ते मौके से फरार होने में विधिक रूप से सफल रहे।

मृतकों में दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल, पसराहा की स्वाति कुमारी के रूप में हुई एक की पहचान

​इस भीषण रक्तपात का शिकार होने वाले बदकिस्मत यात्रियों की कड़ियों में समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग शामिल हैं। पुलिस विलेखों के अनुसार, मरने वाले छह लोगों में दो महिलाएं और दो मासूम बच्चे शामिल हैं, जिनकी उम्र बेहद कम आंकी जा रही है। वर्तमान समय तक पुलिस प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन द्वारा किए गए प्रयासों के बल पर केवल एक मृतका की विधिक पहचान स्थापित की जा सकी है। मृतका की पहचान खगड़िया जिले के ही पसराहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुबोध कुमार की 14 वर्षीया पुत्री स्वाति कुमारी के रूप में की गई है।

​स्वाति कुमारी की असमय मौत की खबर जैसे ही उसके पैतृक निवास तक पहुंची, वैसे ही परिजनों में कोहराम मच गया और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। इसके अतिरिक्त, दुर्घटना का शिकार हुए अन्य पांच मृतकों के शव अत्यधिक क्षत-विक्षत होने और उनके पास से कोई पहचान पत्र न मिलने के कारण अभी तक उनकी आधिकारिक शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस प्रशासन आसपास के थानों और लापता लोगों के रिकॉर्ड्स के माध्यम से उनकी पहचान संधारित करने की प्रविधि में जुटा हुआ है।

घायलों की सूची: समस्तीपुर, मुंगेर और पूर्णिया के यात्री भी शामिल, तीन हायर सेंटर रेफर

​इस भीषण क्रैश के भीतर गंभीर रूप से घायल होकर जीवन की जंग लड़ रहे सात अन्य यात्रियों की विधिक पहचान पुलिस द्वारा स्थापित कर ली गई है, जो बिहार के अलग-अलग जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। घायलों का विवरण इस प्रकार दर्ज किया गया है:

  • रंजीत पासवान (30 वर्ष): समस्तीपुर जिले के निवासी, जिनकी शारीरिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
  • रेहमतुन खातून: गोगरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामपुर गांव की निवासी।
  • दिवाकर कुमार: पूर्णिया जिले के निवासी, जो व्यावसायिक कार्य से इस मार्ग से गुजर रहे थे।
  • प्रीतम कुमार: खगड़िया जिले के ही पसराहा थानांतर्गत झंझरा गांव के रहने वाले युवा।
  • सुमन कुमार: भरतखंड गांव के निवासी और पेशे से शिक्षक, जो ड्यूटी के सिलसिले में यात्रा पर थे।
  • संकु कुमार: स्थानीय प्रक्षेत्र के निवासी, जिन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं।
  • अनिता देवी: मुंगेर जिले के अंतर्गत आने वाले हरिणमार गांव की निवासी।

​इसके अतिरिक्त, एक अन्य अत्यंत गंभीर रूप से जख्मी यात्री अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, जो फिलहाल अचेत अवस्था में है और उसकी पहचान स्थापित होना अभी शेष है। सदर अस्पताल के मुख्य सर्जनों और चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि इन घायलों में से तीन यात्रियों के सिर, रीढ़ और छाती में अत्यधिक गहरा आघात (ट्रॉमा) लगा है, जिसके कारण प्राथमिक पट्टियां करने के बाद उन्हें बेहतर न्यूरो और लाइफ-सपोर्ट उपचार के लिए तुरंत हायर मेडिकल सेंटर (उच्च चिकित्सा संस्थान) रेफर कर दिया गया है।

सदर अस्पताल खगड़िया में मची अफरा-तफरी, परिजनों और भीड़ का बढ़ा हुजूम

​जैसे ही एम्बुलेंसों और पुलिस गश्ती गाड़ियों के सायरन के साथ एक के बाद एक शव और खून से लथपथ घायलों का जत्था खगड़िया सदर अस्पताल के मुहाने पर पहुंचना शुरू हुआ, वैसे ही अस्पताल परिसर के भीतर पूरी तरह से अफरा-तफरी और संवेगात्मक आपातकाल जैसी अवस्थिति निर्मित हो गई। वार्डों के भीतर मौजूद अन्य सामान्य मरीज और उनके तीमारदार इस वीभत्स दृश्य को देखकर गहरे अवसाद और दहशत में आ गए।

​हादसे की सूचना आग की तरह पूरे जिले में फैल गई, जिसके बाद अपने सगे-संबंधियों की कुशलता जानने के लिए सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम जनता का एक विशाल हुजूम सदर अस्पताल के मुख्य प्रांगण और कैजुअल्टी वार्ड के बाहर जमा हो गया। भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को घायलों के त्वरित इलाज और स्ट्रेचर प्रबंधन में आंशिक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिसे नियंत्रित करने के लिए बाद में अतिरिक्त पुलिस बल को अस्पताल परिसर में कड़ाई के साथ प्रतिनियुक्त करना पड़ा।

सदर एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन ने संभाला मोर्चा, राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल

​एनएच-31 पर घटित हुए इस अभूतपूर्व सड़क नरसंहार की विधिक सूचना मिलते ही खगड़िया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर एसडीपीओ) मुकुल कुमार रंजन भारी पुलिस बल के जवानों, सशस्त्र कमांडो और मानसी थाना प्रभारी के साथ तुरंत पूर्वी ठाठा गांव के घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल की भौतिक अवस्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर हादसे की वास्तविक कड़ियों को समझा। इस भीषण भिड़ंत के कारण एनएच-31 के दोनों तरफ मालवाहक ट्रकों, यात्री बसों और निजी गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई थीं और संपूर्ण आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया था।

​सदर एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन के सीधे दिशा-निर्देशन में पुलिस कर्मियों ने क्रेन और हाइड्रो मशीनों का विन्यास किया और क्षतिग्रस्त ऑटो के टुकड़ों, सफारी व पिकअप वैन को मुख्य सड़क से हटाकर किनारे किया। इसके साथ ही, हाईवे पर बिखरे खून और मलबे को साफ कराकर पुलिस ने कड़े यातायात प्रबंधन के जरिए बंद पड़े आवागमन को पूरी तरह सुचारू और सामान्य कराया, जिससे घंटों से जाम में फंसे यात्रियों को बड़ी राहत मिली।

शवों के अंत्यपरीक्षण की प्रविधि जारी, घातक ट्रक जब्त कर फरार चालक की खोज तेज

​मामले के विधिक और कानूनी पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए सदर एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने सभी छह शवों को अपनी विधिक अभिरक्षा में ले लिया है और उनके पंचनामा की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। वर्तमान समय में खगड़िया सदर अस्पताल के फॉरेंसिक विंग में सभी शवों के अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) की विधिक प्रविधि कड़े नियमों के तहत संचालित की जा रही है, ताकि मौत के वास्तविक समय और तकनीकी कारणों का साक्ष्य संकलित किया जा सके।

​एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन ने बताया कि दुर्घटना के लिए उत्तरदायी अनियंत्रित ट्रक और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए अन्य वाहनों को मानसी थाना पुलिस ने अपने विधिक नियंत्रण में लेते हुए पूरी कड़ाई से जब्त कर लिया है। ट्रक के निबंधन विलेखों (रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स) और ओनरशिप डेटाबेस को खंगाला जा रहा है ताकि गाड़ी के मालिक का पता लगाया जा सके। पुलिस की दो विशेष टीमें फरार ट्रक चालक और खलासी के संभावित छिपने के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गहन छानबीन की प्रविधि को आगे बढ़ाया है।

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