
पूर्वी चंपारण (कोटवा): पूर्वी चंपारण पुलिस और जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जिले में अब तक के सबसे बड़े जाली नोट तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। कोटवा थाना क्षेत्र के वीरती टोला में मंगलवार देर रात छापेमारी कर पुलिस ने करीब 1.01 करोड़ रुपये के जाली नोट, 38 सोने के बिस्किट और 13.20 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम ने वीरती टोला में छापेमारी की। मौके से बड़ी मात्रा में जाली भारतीय मुद्रा के अलावा एक कार, चार बाइक, चार मोबाइल फोन, पुलिस की वर्दी और बूट, एक कट्टा, आठ कारतूस तथा कथित रूप से ‘इंडियन चिल्ड्रेन बैंक’ लिखे 25 लाख रुपये के नोट भी बरामद किए गए। बरामद सामान से यह संकेत मिला है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से जाली नोटों के कारोबार में सक्रिय था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वीरती टोला निवासी सुलेमान अंसारी, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गोडवा निवासी इस्तियाज, कल्याणपुर के शंभूचक निवासी मनोज कुमार राम और कोटवा के गेंदा निवासी बनारसी के रूप में हुई है। पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि जाली नोटों की खेप उत्तर प्रदेश और नेपाल के रास्ते नेटवर्क तक पहुंचाई जाती थी। गिरोह पहले लोगों को अधिक मुनाफे और कम कीमत में बड़ी रकम देने का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था और फिर जाली नोटों की सप्लाई करता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और इसके अन्य राज्यों से जुड़े संबंधों की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद जाली नोटों की गुणवत्ता और नेटवर्क के विस्तार को देखते हुए यह पूर्वी चंपारण की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।


