‘आई हेट माई सेल्फ…’ लिख बीटेक स्टेट टॉपर आनंद कुमार ने की खुदकुशी; 50 से अधिक प्रयासों के बाद भी सरकारी नौकरी न मिलने से था अवसाद में

कानपुर/बक्सर, 19 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के कानपुर प्रक्षेत्र के गुजैनी से एक अत्यंत दुखद, संवेदनशील और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के मानसिक अवसाद और सामाजिक दबाव को एक बार फिर विमर्श के केंद्र में ला दिया है। यहां एक बेहद होनहार छात्र और बीटेक टॉपर ने सरकारी नौकरी न लगने से आहत होकर अपने गुजैनी स्थित आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

​मृतक छात्र की पहचान 23 वर्षीय आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो शैक्षणिक मोर्चे पर असाधारण रूप से मेधावी संधारित था। घटना की सूचना लाइव होते ही स्थानीय पुलिस कमान और फॉरेंसिक टीमें मौके पर प्रविष्ट हुईं और शव को अपने विधिक कस्टडी लेज़र में दर्ज कर जांच प्रक्रम शुरू किया।

गवर्नर से मिल चुका था ब्रॉन्ज मेडल, मेधावी सूचकांक में अव्वल था आनंद

​इस दुखद घटनाक्रम के भीतरी लेआउट और आनंद के शैक्षणिक इतिहास की स्क्रूटनी करने पर उसकी असाधारण प्रतिभा के विलेख हाथ लगते हैं:

  • प्रदेश में तीसरा स्थान: आनंद कुमार ने वर्ष 2024 की समय सारणी के भीतर बीटेक (B.Tech) की मुख्य परीक्षा में संपूर्ण उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल कर अपनी मेधा को साबित किया था।
  • राज्यपाल द्वारा सम्मान: इस प्रखर सफलता के वास्ते आनंद को माननीय राज्यपाल द्वारा आधिकारिक दीक्षांत समारोह के मंच पर ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) से विधिक रूप से सम्मानित भी किया जा चुका था।
  • लगातार विफलता से आहत: इतने उच्च मेधा सूचकांक के बावजूद, तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद वह लगातार सरकारी नौकरी हासिल करने के वास्ते कड़े प्रयास कर रहा था, परंतु सफलता लॉक न होने के कारण वह गहरे आंतरिक अवसाद ग्रिड में प्रविष्ट हो गया था।

’50 बार से भी ज्यादा प्रयास किया’—अंग्रेजी में मिला हृदयविदारक सुसाइड नोट

​पुलिस प्रशासन को तलाशी प्रक्रम के दौरान घटनास्थल से अंग्रेजी भाषा में हस्ताक्षरित एक बेहद मार्मिक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जो आनंद के भीतरी मानसिक अवसाद और हताशा के स्तर को बयां करता है। आनंद ने आत्मघाती कदम उठाने से पूर्व अपने आखिरी खत में लिखा:

​”सॉरी मम्मी-पापा, आई हेट माई सेल्फ (मुझे खुद से नफरत है), कुछ नहीं हो पाया मुझसे, 50 बार से भी ज्यादा प्रयास किया।”

​इस आधिकारिक सुसाइड नोट के इनपुट्स से स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है कि वह सरकारी तंत्र के भीतर अपनी प्रविष्टि सुनिश्चित करने के लिए 50 से अधिक परीक्षाओं और साक्षात्कारों के चक्रव्यूह से गुजर चुका था, परंतु हर बार आंशिक लूपहोल्स या विफलता के कारण उसका डिफेंस मैकेनिज्म पूरी तरह से म्यूट अवस्थिति में चला गया।

मूल रूप से बिहार के बक्सर का था निवासी, पैतृक घर गए थे पिता

​आनंद कुमार के पारिवारिक विन्यास और पृष्ठभूमि का विवरण बिना किसी बॉक्स या टेबल लेआउट के नीचे संरेखित है:

  • मूल निवास: आनंद का परिवार मूल रूप से बिहार राज्य के बक्सर जिला का निवासी है।
  • पिता की पृष्ठभूमि: उसके पिता राजकुमार, लोहिया (Lohia) संस्थान से विधिक रूप से सेवानिवृत्त (Retired) हो चुके हैं और वर्तमान में कानपुर में निवास कर रहे थे।
  • पारिवारिक ढांचा: राजकुमार के परिवार के भीतरी केबिन में दो पुत्र—अमित व 23 वर्षीय आनंद कुमार—और एक पुत्री प्रिया शामिल हैं।
  • घटना के समय एकांत अवस्थिति: आनंद के पिता घटना से ठीक पांच दिन पहले अपने बड़े बेटे अमित के वास्ते लड़की देखने (विवाह संबंध तय करने) के सिलसिले में अपने पैतृक जिला बक्सर (बिहार) गए हुए थे। आनंद कानपुर के घर में अकेला था, और इसी एकांत के बीच उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।

शैक्षणिक क्लस्टर्स में शोक की लहर, पुलिस संचिका में आवश्यक विधिक प्रविष्टियाँ जारी

​इस प्रखर मेधावी छात्र के असामयिक और दर्दनाक विलोपन की खबर जैसे ही बिहार के बक्सर और कानपुर के गुजैनी क्लस्टर्स में फैली, वैसे ही संपूर्ण शुभचिंतकों और पारिवारिक नेटवर्क के भीतर शोक की लहर लाउड मोड पर सक्रिय हो गई। एक होनहार पदक विजेता इंजीनियर का इस प्रकार नौकरी न मिलने के दबाव में टूट जाना समाज के वास्ते एक बड़ा अलार्म सिग्नल्स विनिर्मित कर रहा है।

​स्थानीय पुलिस थाना कमान ने सुसाइड नोट और शव को फॉरेंसिक ऑडिट व पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। बक्सर से परिजनों के कानपुर प्रविष्ट होने का लॉजिस्टिक्स लाइन-अप किया जा रहा है, जिसके बाद विधिक कागजी औपचारिकताओं को फाइनल एग्जीक्यूशन मोड पर लॉक किया जाएगा।

  • ये भी पढ़े..

    NEET UG 2026: बिहार के छात्रों के लिए बढ़े MBBS के मौके, जानिए PMCH में दाखिले के लिए कितने अंक हो सकते हैं जरूरी

    Share Add as a preferred…

    झारखंड-बिहार सब एरिया को मिला नया नेतृत्व: मेजर जनरल जितेंद्र सिंह बने 10वें GOC, दानापुर में संभाला कार्यभार

    Share Add as a preferred…