
भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत परबत्ता थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब जमुनिया बहियार स्थित निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन से एक मुंशी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थानीय थाना पुलिस के साथ-साथ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने का कार्य शुरू कर दिया है।
पुलिस के अनुसार घटना की सूचना शनिवार सुबह करीब 10 बजे मिली। सूचना मिलते ही परबत्ता थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच के दौरान मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर नवगछिया के पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पुलिस टीम को हर पहलू से जांच करने का निर्देश दिया।
मृतक की पहचान कदवा थाना क्षेत्र के आश्रम टोला निवासी 33 वर्षीय बृजेश कुमार के रूप में हुई है। वह नित्यानंद यादव के पुत्र थे और जमुनिया बहियार स्थित निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन में मुंशी के पद पर कार्यरत थे। प्रतिदिन की तरह वह निर्माण कार्य की देखरेख और अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे, लेकिन शनिवार को उनका शव भवन परिसर से बरामद होने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
प्राथमिक जांच में पुलिस को मृतक के सिर पर दो स्थानों पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि किसी भारी वस्तु से वार किया गया हो सकता है। यही कारण है कि पुलिस हत्या की संभावना को भी गंभीरता से लेकर जांच कर रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और वैज्ञानिक जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए एफएसएल की टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनकी जांच के बाद घटना के कारणों और परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में मौजूद लोगों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े हर पहलू की जानकारी जुटाई जा सके।
घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मृतक को नशे की लत थी और संभव है कि किसी विवाद के कारण यह घटना हुई हो। हालांकि पुलिस ने इस तरह की किसी भी चर्चा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि केवल अफवाहों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच कई संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय निर्माणाधीन भवन में कौन-कौन लोग मौजूद थे, मृतक की अंतिम बार किससे बातचीत हुई थी और घटना से पहले उनकी गतिविधियां क्या थीं। साथ ही निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूरों, कर्मचारियों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। शव को देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि बृजेश कुमार मेहनत से अपना काम करते थे और परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे थे। ऐसे में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मौत का वास्तविक कारण क्या था और चोटें किस परिस्थिति में लगीं। इसके अलावा एफएसएल की रिपोर्ट भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यदि वैज्ञानिक जांच में किसी प्रकार के संघर्ष, हमले या अन्य आपराधिक गतिविधि के प्रमाण मिलते हैं तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नवगछिया पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है। किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ घटनास्थल से मिले भौतिक प्रमाणों और गवाहों के बयानों का भी विश्लेषण कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल की भी जांच की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन भवन में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। उनका मानना है कि ऐसे स्थानों पर पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था होने से इस तरह की घटनाओं की संभावना कम हो सकती है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है। हत्या, दुर्घटना या अन्य किसी कारण से हुई मौत की सभी संभावनाओं पर जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन में मुंशी का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है। परिजन और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही घटना की सच्चाई सामने आएगी और यदि इसमें किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


