
झारखंड के उत्पाद विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करते हुए अब तक का सर्वाधिक राजस्व अर्जित किया है। विभाग ने ₹4013.53 करोड़ का राजस्व संग्रह कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जो पिछले ₹2700 करोड़ के रिकॉर्ड से काफी अधिक है।
यह उपलब्धि राज्य के राजकोष को मजबूत आधार देने के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता और सख्त निगरानी तंत्र का भी संकेत देती है। विभाग ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व में हो रहे नुकसान को काफी हद तक रोका है।
राजस्व वृद्धि के पीछे कई अहम कारण रहे हैं। विभाग ने डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत किया, जिससे शराब की सप्लाई और बिक्री पर निगरानी अधिक प्रभावी हुई। साथ ही अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाए गए, जिससे राजस्व रिसाव पर अंकुश लगा।
इसके अलावा नई उत्पाद नीति के तहत लाइसेंस फीस और उत्पाद शुल्क में किए गए बदलावों ने भी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राज्य में शराब दुकानों के संचालन में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से भी राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
कुल मिलाकर, यह उपलब्धि झारखंड सरकार के बेहतर प्रबंधन और सख्त प्रशासनिक कदमों का परिणाम मानी जा रही है।


