
भागलपुर, 28 मई 2026। भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड में बुधवार देर शाम आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। अचानक बदले मौसम ने लोगों को ऐसी मुसीबत में डाल दिया कि सड़क से लेकर बिजली व्यवस्था तक पूरी तरह चरमरा गई। कई जगहों पर विशाल पेड़ सड़कों पर गिर पड़े, बिजली के खंभे टूट गए और घंटों तक इलाके में अंधेरा छाया रहा। प्राकृतिक आपदा का असर सिर्फ आम लोगों पर ही नहीं बल्कि व्यापारियों और छोटे कारोबारियों पर भी भारी पड़ा।
तेज हवाओं और बारिश की वजह से भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया। सड़क पर पेड़ गिरने से वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं बिजली आपूर्ति ठप हो जाने से लोगों को उमस भरी गर्मी और अंधेरे के बीच रात गुजारनी पड़ी।
अचानक बदला मौसम, लोगों में मची अफरा-तफरी
दिनभर तेज गर्मी और उमस के बाद शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ले ली। पहले तेज हवाएं चलनी शुरू हुईं और देखते ही देखते पूरा इलाका धूल भरी आंधी की चपेट में आ गया। कुछ ही देर बाद मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर पुराने और बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तूफान इतना भयावह था कि लोग अपने घरों और दुकानों में दुबकने को मजबूर हो गए। कई इलाकों में टीन के शेड उड़ गए और कुछ कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग पर घंटों लगा जाम
तूफान के दौरान सबसे ज्यादा असर भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग पर देखने को मिला। सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई बसें, ट्रक और निजी वाहन घंटों तक सड़क पर फंसे रहे।
यात्रियों ने बताया कि जाम की वजह से उन्हें काफी परेशानी हुई। कई लोग जरूरी काम से यात्रा कर रहे थे लेकिन सड़क बंद होने के कारण घंटों तक इंतजार करना पड़ा। कुछ वाहन चालक वैकल्पिक रास्तों की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे।
स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से देर रात सड़क से पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
बिजली व्यवस्था पूरी तरह हुई ध्वस्त
तेज तूफान और बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। कई इलाकों में बिजली के तार टूट गए जबकि कुछ जगहों पर बिजली के खंभे गिर पड़े। इसके कारण पूरे जगदीशपुर प्रखंड और आसपास के कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
घंटों तक बिजली नहीं रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उमस भरी गर्मी में लोग रातभर परेशान रहे। इनवर्टर और बैटरी भी जवाब देने लगे, जिससे अंधेरे की स्थिति और गंभीर हो गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली नहीं रहने के कारण पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई। मोटर और पानी सप्लाई सिस्टम बंद हो जाने से लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
कारोबारियों को लाखों का नुकसान
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर छोटे व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ा। कई दुकानों और प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है। विशेष रूप से ऑटोमोबाइल और गैरेज व्यवसाय से जुड़े लोगों को भारी आर्थिक झटका लगा है।
जगदीशपुर स्थित अंजलि ऑटोमोटिव के संचालक ने बताया कि तेज तूफान के कारण उनके गैरेज का शेड पूरी तरह उड़ गया। इसके अलावा मरम्मत के लिए खड़ी कई गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
उन्होंने बताया कि अचानक आए तूफान की वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। गैरेज के अंदर रखे कई उपकरण भी बारिश के कारण खराब हो गए। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे और राहत की मांग की है।
केवल एक गैरेज ही नहीं बल्कि कई छोटी दुकानों के बोर्ड, टीन शेड और सामान भी तूफान की चपेट में आ गए। फल विक्रेताओं, चाय दुकानदारों और सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले लोगों को भी नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ी मुश्किलें
जगदीशपुर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर बनी रही। कई गांवों में सड़क पर पेड़ गिर जाने से संपर्क बाधित हो गया। ग्रामीणों को एक गांव से दूसरे गांव जाने में कठिनाई हुई।
कुछ गांवों में बिजली पूरी तरह ठप होने के कारण मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ। इससे लोगों को संपर्क करने में परेशानी हुई। कई परिवारों ने पूरी रात बिना बिजली और पानी के गुजारी।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश और तूफान के दौरान ऐसी समस्याएं सामने आती हैं लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता। लोगों ने प्रशासन से बिजली व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है।
प्रशासन से राहत की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन से तुरंत राहत और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिन परिवारों और कारोबारियों को नुकसान हुआ है उन्हें आर्थिक मदद दी जानी चाहिए।
व्यापारियों का कहना है कि छोटे कारोबार पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे हैं और ऐसे में प्राकृतिक आपदा ने उनकी कमर तोड़ दी है। कई दुकानदारों ने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से प्रभावित इलाकों का सर्वे कराने और जल्द राहत पहुंचाने की अपील की है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम में आए अचानक बदलाव के बाद लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
विशेष रूप से पुराने पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है। साथ ही खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की भी अपील की गई है।
राहत कार्य में जुटा प्रशासन
तूफान के बाद प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर हालात सामान्य करने में जुट गई हैं। सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम लगातार जारी है।
हालांकि कई इलाकों में देर रात तक बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द ही सभी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।
जगदीशपुर में आए इस तूफान ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि प्राकृतिक आपदा किस तरह कुछ ही घंटों में आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर सकती है। लोग अब प्रशासन से स्थायी समाधान और बेहतर आपदा प्रबंधन की उम्मीद लगाए बैठे हैं।


