
भागलपुर, 28 मई 2026। बिहार के भागलपुर जिले में एक बार फिर चोरी की बड़ी घटना ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। बाईपास थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर को चोरों ने निशाना बनाते हुए लाखों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मंदिर से चांदी का नाग, बजरंगबली की गदा, मुकुट, कंगन समेत कई कीमती धार्मिक आभूषण चोरी कर लिए गए। घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश और भय का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार, चोरी की यह घटना देर रात की बताई जा रही है। सुबह जब गांव के लोग रोजाना की तरह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो मंदिर का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ मिला। इसके अलावा मंदिर के अंदर लगे कई ताले और कुंडियां भी क्षतिग्रस्त थीं। अंदर का दृश्य देखकर लोगों के होश उड़ गए क्योंकि मंदिर में रखे कई कीमती धार्मिक सामान गायब थे।
सुबह पूजा करने पहुंचे लोगों ने देखा टूटा मंदिर
स्थानीय लोगों ने बताया कि हर दिन सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पूजा करने पहुंचते हैं। बुधवार सुबह भी जब लोग मंदिर पहुंचे तो मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ दिखाई दिया। पहले लोगों को लगा कि शायद किसी ने शरारत की है, लेकिन जब अंदर जाकर देखा गया तो मंदिर से कई बहुमूल्य सामान गायब थे।
मंदिर परिसर में खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बाईपास थाना पुलिस को दी।
लोगों का कहना है कि जिस तरीके से ताले तोड़े गए हैं, उससे साफ लगता है कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने सुनियोजित तरीके से चोरी की घटना को अंजाम दिया।
चांदी का नाग और धार्मिक आभूषण हुए चोरी
ग्रामीणों और मंदिर समिति के सदस्यों के अनुसार, चोर मंदिर से कई कीमती सामान अपने साथ ले गए। चोरी हुए सामान में चांदी का नाग सबसे महत्वपूर्ण बताया जा रहा है, जो शिवलिंग के ऊपर स्थापित था। इसके अलावा बजरंगबली की गदा, मुकुट, कंगन और अन्य धार्मिक आभूषण भी गायब हैं।
मंदिर समिति के लोगों ने बताया कि वर्षों से श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और आभूषण मंदिर में सुरक्षित रखे गए थे। चोरी हुए सामान की अनुमानित कीमत करीब आठ लाख रुपए बताई जा रही है।
घटना के बाद श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है।
मौके पर पहुंची पुलिस, शुरू हुई जांच
घटना की जानकारी मिलते ही बाईपास थाना अध्यक्ष सुमन कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मंदिर परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
पुलिस टीम ने मंदिर के टूटे ताले, दरवाजों और परिसर का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जानकारी ली। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी नहीं होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
थाना अध्यक्ष ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नशेड़ियों पर ग्रामीणों ने जताया शक
घटना के बाद ग्रामीणों ने इलाके में सक्रिय असामाजिक तत्वों और नशे के आदी युवकों पर शक जताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में इलाके में नशाखोरी और चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय कई संदिग्ध लोग गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूमते दिखाई देते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो शायद इस तरह की घटना नहीं होती।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि चोरी की घटना को अंजाम देने वाले लोग इलाके की भौगोलिक स्थिति और मंदिर की व्यवस्था से परिचित थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि घटना में स्थानीय लोगों की भी भूमिका हो सकती है।
बढ़ती चोरी की घटनाओं से दहशत
फुलवरिया गांव के लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। घरों, दुकानों और अब मंदिरों को निशाना बनाए जाने से लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय पुलिस गश्ती पर्याप्त नहीं होने के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों में चोरी की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का पुलिस प्रशासन से भरोसा कमजोर हो सकता है।
रात्रि गश्ती बढ़ाने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों और मंदिर समिति के सदस्यों ने प्रशासन से कई मांगें रखी हैं। लोगों ने कहा कि रात के समय पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके।
इसके अलावा ग्रामीणों ने रात 10 बजे के बाद विशेष रोको-टोको अभियान चलाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि देर रात घूमने वाले संदिग्ध लोगों की जांच की जाए ताकि चोरी और अन्य अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सके।
ग्रामीणों का मानना है कि नियमित गश्ती और सख्त जांच अभियान से अपराधियों में डर पैदा होगा और इलाके में कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
मंदिर समिति में नाराजगी
मंदिर से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं में इस घटना को लेकर काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का केंद्र होता है। ऐसे में वहां चोरी होना बेहद दुखद है।
मंदिर समिति के सदस्यों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि चोरी हुए धार्मिक सामान की बरामदगी होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
घटना के बाद मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुटी रही। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से मंदिर परिसर में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आसपास के इलाकों में संदिग्ध लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस तकनीकी जांच के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाने में लगी है।
मौके पर किशोर कुमार पांडेय, लाल्टू पांडेय, कुमार कृष्णानंद, नवरत्न पांडेय, सुदामा पांडेय, नीरज पांडेय, मनीष पांडेय और दशरथ पांडेय समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं ग्रामीण अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की उम्मीद लगाए बैठे हैं।


